Monday, 12 January 2009

दिल्ली में दिखेगे राज्य के उत्पाद

12,jan 09-मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने कहा है कि पर्वतीय क्षेत्र के पारंपरिक व्यवसाय ऊन उत्पादन और अन्य स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक रूप देने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। दिल्ली में बनने वाले उत्तराखंड निवास में यहां के उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए शो-रूम बनाया जाएगा। इस शो-रूम सहित दिल्ली स्थित उत्तराखंड के अन्य कार्यालयों में भी राज्य के उत्पादों को नमूने के तौर पर प्रदर्शन व प्रचार के लिए रखा जाएगा। श्री खंडूरी, रविवार को परेड ग्राउंड में नेशनल हैंडलूम एक्सपो में आयोजित राज्य स्तरीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने राज्य को उपहार में संसाधन दिए हैं और यहां इस क्षेत्र की दक्ष प्रतिभाएं भी हैं, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक दौर में यहां के ऊनी उत्पाद काफी प्रसिद्ध थे और दूर-दूर से इनकी मांग आती थी। इसके बावजूद लंबे समय बाद भी हम ऊन उत्पाद में विशेष स्थान हासिल नहीं कर पाए हैं। उन्होंने ऊन उत्पादन व अन्य उत्पादों को व्यावसायिक स्वरूप देने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिल्पियों को यातायात व विपणन की व्यवस्था सुलभ कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। अध्यक्षता करते हुए राजपुर क्षेत्र के विधायक गणेश जोशी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के लिए मार्केटिंग की पुख्ता व्यवस्था की जानी आवश्यक है। अपर सचिव उद्योग हेमलता ढौंडियाल ने एक्सपो के बारे में जानकारी दी। समारोह का संचालन अपर निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल ने किया। समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों वर्ष 2006 एवं 2007 के राज्य स्तरीय हथकरघा व हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किए गए। हथकरघा के लिए पूजा चौहान (टिहरी) व संतरामी (रौन गुदियार गांव उत्तरकाशी) को प्रथम और विन्या देवी (भाटुका सौड़ उत्तरकाशी) व प्रेम सिंह धर्मसत्तू (भराड़ी बागेश्र्वर) को द्वितीय पुरस्कार मिला। हस्तशिल्प के लिए सुरेश राम (आगर पिथौरागढ़) व सुश्री जानकी जोशी (सौड़ अल्मोड़ा) को प्रथम और पुष्कर राम (उमरगडा पिथौरागढ़) व सुश्री राधा अग्रवाल (लाला बाजार अल्मोड़ा) को द्वितीय पुरस्कार मिला। हस्तशिल्प में तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित खजानी गुसांई (टिहरी) व गंगा खाम्पा (कसार देवी अल्मोड़ा) समारोह में उपस्थित नहीं हो पाई। इस मौके पर बहुद्देश्यीय वित्त विकास निगम के अध्यक्ष नरेंद्रस्वरूप मित्तल, भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बीडी रतूड़ी, जीएमवीएन के अध्यक्ष उमेश अग्रवाल आदि मौजूद थे।

No comments:

Post a Comment