Thursday, 15 January 2009

आस्था व श्रद्धा से मनाया घुघुतिया औऱ मकर संक्रांति

15 JAN 09--उत्तरायणी के पर्व पर बुधवार को जगह-जगह विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। हल्द्वानी में शोभायात्रा में शामिल ग्रामीण परिवेश को दर्शाती झांकी। आस्था व श्रद्धा से मनाया घुघुतिया
हल्द्वानी: गले में घुघुति माला डाले कौवे सुबह से ही काले कौवा काले काले चिल्लाने लगे थे। कौवे के लिये भोजन रखने के बाद उसे बुलाया जा रहा था। इसी के साथ बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया।सुबह से ही जहां एक ओर बच्चे घुघुतिया पर्व मना रहे थे। लोग एक दूसरे को बधाई दे रहे थे। बच्चों ने मीठे आटे से विभिन्न आकारों से बने घुघुते को गले में पहना था। इसी के साथ कौवे को आवाज लगा रहे थे। बच्चे जोर-जोर से काले कौवा काले घुघुति माला खाले, तू लिजा बड़अ मैंके दीजा सूनू घड़ गा रहे थे। ढोल दमाऊ की धुन पर झूम कर नाचे हल्द्वानी: पारंपरिक परिधानों के साथ रंग-बिरंगी पिछौड़ा पहनी महिलायें, सफेद टोपी, कुर्ता व पायजामा पहने रंग गुलाल डालते होल्यार, ढोल-दमाऊ की धुन पर नृत्य करते लोग। देवी देवताओं की झांकी का दृश्य बुधवार को शहर की सड़कों में देखते ही बन रहा था। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच से निकली शोभायात्रा का शहर में जगह-जगह स्वागत हुआ। हीरानगर स्थित उत्थान मंच से शोभायात्रा की शुरूआत ढोल-दमाऊ व बैंड की धुनों से हुयी। यहां से शोभायात्रा कालाढूंगी रोड होते हुये नैनीताल रोड पहुंची। शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुये वापस उत्थान पहुंची। इसमें सबसे पहले कुमाऊंनी परिधान में घुड़सवार विक्रम सिंह राजपूत, केतन तेजवानी, घनश्याम वर्मा, पूरन चन्द्र भंडारी, गोविन्द नेगी चल रहे थे। इसके बाद ढोल-दमाऊ व मशकबीन की लोकधुन पर लोग मस्त होकर नृत्य कर रहे थे। कुमाऊं की परंपरा के अनुसार सफेद रंग की टोपी के साथ ही कुर्ता पायजामा पहने हुये अबीर-गुलाल उड़ेलते होल्यारों का हुड़दंग का दृश्य भी आकर्षण का केन्द्र रहा। ढोल-दमाऊ के साथ ही मशकबीन की मंत्रमुग्ध करने वाली की धुन पर लोग मदमस्त होकर नृत्य कर रहे थे। शेखर जोशी के निर्देशन में प्रसिद्ध छोलिया नृत्य ने माहौल में गजब का उत्साह भर दिया था।

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