Monday, 12 January 2009
मरीजों से व्यवहार में मधुरता लाएं डाक्टर
12 jan 09-
, हल्द्वानी: वर्तमान में चिकित्सक व मरीज के संबंधों में दरार पड़ गयी है। चिकित्सक पूरी तरह व्यावसायिक हो गये हैं। इस स्थिति को दूर करने की आवश्यकता है। इसके लिये चिकित्सकों को पढ़ाई के साथ ही नैतिकता का गुण भी सीखना होगा। अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा। यह विचार रविवार को उत्तराखंड फारेस्ट हास्पिटल ट्रस्ट मेडिकल कालेज की सेमीनार में चिकित्सा विशेषज्ञों ने व्यक्त किये। भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद की 75 वें जन्मदिन प्लेटिनम जुबली पर आयोजित सेमीनार का उद्घाटन मुख्य अतिथि वन मंत्री बंशीधर भगत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्री भगत ने कालेज स्मारिका का भी विमोचन किया। सेमीनार में छत्रपति साहू महाराज मेडिकल विश्र्वविद्यालय लखनऊ के सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. रमाकांत ने कहा कि चिकित्सक पहले मानव है।
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