Monday, 12 January 2009
वोट के फेर में फंसी डिप्टी मेयर की कुर्सी
12 jan 09-
देहरादू : नौ महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी नगर निगम को डिप्टी मेयर नहीं मिल पाया है। विपक्ष का आरोप है कि नामित पार्षदों को मताधिकार के मामले को लेकर चुनाव लटकाया जा रहा है। वहीं, मेयर विनोद चमोली ने कहा कि इस मामले में शासन को निर्णय लेना है। नगर निगम देहरादून के नए बोर्ड का गठन अप्रैल 2008 में हो गया था। तीन अप्रैल को मेयर ने शपथ ग्रहण कर ली थी। बोर्ड गठन के नौ माह बाद भी नगर निगम डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं करा पाया है। निगम में डिप्टी मेयर के पद को रसाकसी जारी है। पक्ष और विपक्ष से कई दावेदार अपने पक्ष में माहौल बनाने में भी जुटे हुए हैं। अभी तक चुनाव न कराए जाने पर पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने तर्क हैं। नगर निगम बोर्ड में भाजपा के 28, कांग्रेस 12 व 20 अन्य पार्षद हैं। इनके अलावा 10 नामित पार्षद हैं। कुल मिलाकर सत्तर पार्षद हैं। विपक्ष का कहना है कि सिर्फ निर्वाचित पार्षद ही डिप्टी मेयर का चयन करें, जबकि सत्तासीन दल के पार्षद मांग कर रहे हैं कि नामित सदस्यों को भी मताधिकार दिया जाए। विपक्ष का कहना है कि इसी विवाद के चलते चुनाव अभी तक नहीं हो पाया है। नगर निगम में भाजपा पार्षद अजय सिंघल का कहना है कि शासन स्तर से निर्णय होना है। साथ ही उन्होंने कहा कि नामित सदस्यों को भी मत का अधिकार मिलना चाहिए। श्री सिंघल ने कहा कि इस संबंध मं पार्षदों ने सीएम को भी अवगत कराया था। अभी इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। नेता प्रतिपक्ष अशोक वर्मा का आरोप है कि भाजपा पार्षद और मेयर नामित सदस्यों को मताधिकार दिलाने की जुगत में लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश एकमात्र नगर निगम में नौ माह के बाद भी डिप्टी मेयर का पद खाली है, इसके लिए सत्तासीन भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि एक्ट के मुताबिक नामित सदस्यों की घोषणा से पहले डिप्टी मेयर का चुनाव हो जाना चाहिए था। वहीं, नगर निगम के महापौर विनोद चमोली ने कहा कि डिप्टी मेयर के चुनाव का मामला शासन स्तर पर अटका हुआ है। आरक्षण पर आपत्तियां मांगी गईं थी, जिनका उत्तर भेज दिया गया है। अभी इस मामले में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। शासन के निर्देशों के बाद ही चुनाव संभव हो पाएगा। श्री चमोली ने कहा कि डिप्टी मेयर का पद खाली होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड की पहली ही बैठक में विकास समिति का गठन कर दिया गया था। यह समिति अभी तक कार्य शुरू नहीं करा पाई क्योंकि इसका अध्यक्ष डिप्टी मेयर होता है। उन्होंने कहा कि डिप्टी मेयर न होने से कई बड़े प्रोजेक्ट पर भी कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रयास है कि जल्द शासन चुनाव कराने के लिए निर्देश जारी करे ताकि विकास कार्यों को और गति दी
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