Saturday, 7 February 2009

कवायद तेज! सुधरेगी राजकीय महाविद्यालयों की हालत

7 feb- , हल्द्वानी प्रदेश में उच्च शिक्षा की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिये राज्य सरकार कसरत में जुट गयी है। 15 महाविद्यालयों में पदों का सृजन करने और शैक्षणिक व व्यावसायिक पाठ्यक्रम खोलने की कवायद तेजी से चल रही है। जल्द ही दूरस्थ क्षेत्रों के इन महाविद्यालयों की स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। इससे यहां के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिये बेहतर मौका मिलेगा। राज्य के इन महाविद्यालयों में लंबे समय से संसाधनों का अभाव है। दूरस्थ क्षेत्रों में स्थापित महाविद्यालय एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। अधिकांश में केवल वाणिज्य संकाय की ही पढ़ाई हो रही है। इसके चलते विषम भौगोलिक परिस्थति में रहने वाले छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिये दूसरे शहरों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने इन महाविद्यालयों की दशा को सुधारने के लिये कसरत तेज कर ही है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से भी प्रस्ताव भेज दिया गया था। इसमें राजकीय महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान वर्ग, राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में स्नातक स्तर पर कला व विज्ञान, राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा में स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय, राजकीय महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर कला संकाय, राजकीय महाविद्यालय स्याल्दे व मनिला में स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय, राजकीय महाविद्यालय सोमेश्र्वर में स्नातक स्तर पर कला संकाय, राजकीय महाविद्यालय चंपावत में स्नातक स्तर पर गृह विज्ञान व सैन्य विज्ञान, राजकीय महाविद्यालय बाजपुर में स्नातक में विज्ञान संकाय, राजकीय महाविद्यालय कपकोट में स्नातक स्तर पर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, इतिहास, समाजशास्त्र व भूगोल विषय खोलने का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। इसके अलावा दो नये राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में कला संकाय व राजकीय महाविद्यालय गुप्तकाशी में स्नातक स्तर पर बीकाम व बीसीए खोले जाने की कवायद हो रही है। इन कालेजों में प्राचार्य पद सृजित करने के साथ ही प्रवक्ताओं व कर्मचारियों के पदों के सृजन की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है। इसी प्रस्ताव के तहत राजकीय महाविद्यालय नैनीडांडा में प्राचार्य पद स्वीकृत हो गया है। इसमें कला व विज्ञान संकाय खोलने की अनुमति भी प्रदान कर दी गयी है। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय रेखड़ीखाल में भी कला व विज्ञान संकाय विषय को खोलने के लिये शासन से हरी झंडी मिल गयी है। इस बावत उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एमसी पाण्डे का कहना था कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिये पूरा प्रयास किया जा रहा है। महाविद्यालयों की स्थिति में सुधार की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।