Saturday, 7 February 2009
धारचूला के पास भारी भूस्खलन धारचूला
(पिथौरागढ़), जाका: तहसील क्षेत्र के जिस इलाके में दो रोज पहले चट्टानें दरक गई थीं, वे शुक्रवार को तड़के तेज धमाके के साथ भरभराकर गिर गई। चट्टानों का मलबा गिरने से कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद हो गया, जबकि काली नदी का प्रवाह 10 मिनट के लिए ठहर गया। क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति करने वाली 33 केवी विद्युत लाइन भी ध्वस्त हो गयी। भू-स्खलन से दर्जनों परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। पूरा इलाका जबर्दस्त दहशत में है। यहां से लगभग 17 किमी दूर रफली झरने के ऊपरी हिस्से में खेला ग्राम पंचायत के चेतलकोट नामक स्थान पर भूमि में अचानक एक से दो मीटर चौड़ी दरारें आ गई थीं। दरारों का फासला बढ़ने से घबराए चेतलकोट के ग्रामीणों ने गुरुवार को गांव छोड़कर रफली तोक में रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली थी। ग्रामीणों को चट्टानें किसी भी वक्त जमीदो़ज होने की आशंका थी और शुक्रवार को यह सही भी साबित हो गई। शुक्रवार को तड़के करीब छह बजे यहां भारी भू-स्खलन शुरू हो गया। आसपास के ग्रमीणों ने बताया कि सुबह अचानक धूल के गुबार उड़ने लगे।