Sunday, 8 February 2009
डीपीएड धारकों को आखिरी मौका
देहरादून, : शारीरिक शिक्षा में डिप्लोमाधारकों (डीपीएड) के लिए शिक्षा महकमे में रोजगार का अंतिम मौका है। वर्ष 2006 की संशोधित नियमावली के मुताबिक भविष्य में व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति में शैक्षिक योग्यता डीपीएड मान्य नहीं होगी। राज्य में करीब पौने दो सौ व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति पर लंबे समय से लगी रोक अब हट चुकी है। कुमाऊं मंडल में वर्ष 2002 और वर्ष 2004 और गढ़वाल मंडल में वर्ष 2004 में विज्ञापित व्यायाम शिक्षकों के पदों पर डीपीएड योग्यताधारी ही भर्ती किए जा सकेंगे। भर्ती प्रक्रिया पुरानी नियमावली के तहत ही पूरी की जाएगी। इसमें व्यायाम शिक्षकों के पद के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक व डीपीएड निर्धारित है। वर्ष 2002 में गढ़वाल मंडल में व्यायाम शिक्षकों की नियुक्तियां की गई थीं। इस नियुक्ति प्रक्रिया में दर्शाई गई शैक्षिक अर्हता के समकक्ष डिग्रियों वाले अभ्यर्थियों को भी शामिल किया गया था। इस मसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। इसके बाद से वर्ष 2002 में कुमाऊं मंडल में पुरुष वर्ग के 70 और महिला वर्ग के 19 शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियां रोक दी गई थी। इस वजह से वर्ष 2004 में विज्ञापित पदों पर भी नियुक्तियां नहीं हो सकीं थीं। इससे गढ़वाल मंडल में पुरुष वर्ग में 46 और महिला वर्ग में सात पदों और कुमाऊं मंडल में पुरुष वर्ग में 25 और महिला वर्ग में पांच पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पाई थीं। शासनादेश में डीपीएड शैक्षिक योग्यता रखने वाले युवाओं को व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति के लिए यह आखिरी मौका मिला है। उत्तराखंड ने अपनी नई नियमावली में व्यायाम शिक्षक के लिए डीपीएड के स्थान पर बीपीएड डिग्री मान्य की है।