Sunday, 8 February 2009

सरकार ने दी शहीद सैनिकों के आश्रितों को नई सौगात

8 feb- देहरादून, : देश पर जान निसार करने वाले सैनिकों के आश्रितों को सरकार ने नई सौगात दी है। उन्हें सरकारी नौकरी में वरीयता देने की बाबत शासनादेश जारी किया गया है। यही नहीं, अब पूर्व सैनिकों के आश्रितों को भी कई सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी है। शहीदों के आश्रितों के लिए सीएम के प्रमुख सचिव सुभाष कुमार ने शासनादेश जारी किया है। इसमें डीएम व सभी विभागाध्यक्षों को लड़ाई या शांतिकाल में आंतरिक मामलों में योगदान के दौरान वीरगति पाए सैनिक परिवार के लिए चार सूत्री वरीयता के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं। शासनादेश के मुताबिक शहीद सैनिकों के दो आश्रितों (पत्नी, पुत्र या पुत्री) की लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह ग व घ के पदों पर सीधी भर्ती की जा सकती है। ऐसे व्यक्ति योग्यता में समान रहने पर वरीयता, सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण व अधिकतम आयु सीमा में छूट के पात्र होंगे। अब सरकार पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के लिए कई खास सुविधाओं का इंतजाम करने जा रही है। जूनियर कमीशंड आफिसर रैंक तक गृह-कर (होल्डिंग टैक्स) की माफी पर मंथन जारी है। इस लाभ के दायरे में 25,458 पूर्व सैनिक व विधवा आएंगे। इनके घरों से स्थानीय निकायों को 72,94,612 रुपये कर मिलता है। पूर्व सैनिक परिवार को वाहन खरीद पर वैट से मुक्त करने पर भी विचार हो रहा है। ऐसे स्थल चिह्नित हो रहे हैं, जहां केंद्रीय मदद या पीपीपी मोड में सैनिक परिवार के विद्यार्थियों के लिएहास्टल बन सकते हैं। इसके अलावा ढाई-तीन हजार रुपये आय वाली सैनिक विधवा को बीपीएल दर्जा देने, सैनिक सहकारी समितियों को निर्माण कार्यो का अधिक आवंटन करने, सार्वजनिक उपक्रमों व निजी उद्यमों में पूर्व सैनिकों को बतौर सशस्त्र गार्ड नियुक्त करने, पुलिस भर्ती में शारीरिक क्षमता शिथिल करने पर मंथन चल रहा है।