Thursday, 12 February 2009

बिजली नहीं, कैसे चल पाएंगे कंप्यूटरनई

टिहरी। सर्व शिक्षा अभियान के तहत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को कंप्यूटर शिक्षा से जोडऩे के लिए योजना के तहत लाखों रुपये के कंप्यूटर लगाए गए। लेकिन ऊर्जा निगम द्वारा विद्यालयों को विद्युत संयोजन न दिए जाने से तीन दर्जन से भी अधिक कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में कंप्यूटर पहुंचते ही वहां पढऩे वाले बच्चों ने भी की-बोर्ड और माउस पर अंगुलियां फेर कर पल भर में देश-दुनियां की खबर प्राप्त करने के 2वाब देखे थे, लेकिन विद्यालयों में कई कंप्यूटर ऊर्जा निगम द्वारा विद्युत संयोजन न दिए जाने और कई तकनीकी खराबियों के चलते पेटियों में बंद पड़े हुए हैं। योजना के तहत जिले के प्राथमिक विद्यालयों में २०० कंप्यूटर तथा जूनियर हाईस्कूल में ११६ कंप्यूटर लाए गए थे। जिनमें से प्राथमिक विद्यालयों में १८१, जबकि जूनियर हाईस्कूल में ५९ कंप्यूटर ही संचालित हो रहे हैं। साथ ही अभियान के तहत तकनीकी खराबी के चलते १५ कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। ऊर्जा निगम द्वारा १७ विद्यालयों को विद्युत संयोजन न दिए जाने की वजह से कुल ३४ कंप्यूटर बंद पड़े हुए हैं। जिनमें से १५ जूनियर हाईस्कूल और २५ प्राथमिक विद्यालय के कंप्यूटर शामिल हैं। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक कैलाश डंगवाल ने बताया कि प्रतापनगर के पिलानीधारी में एक साल पूर्व दो कंप्यूटर चोरी हुए थे। जिनका आज तक कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में विद्युत संयोजन के लिए निगम को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस संबंध में निगम के अधिशासी अभियंता रजनीश अग्रवाल ने बताया कि विद्यालयों के प्रधानाचार्य द्वारा विद्युत संयोजन के लिए आवेदन करते ही उन्हें भी अन्य उपभो1ताओं की भांति तत्काल संयोजन दिया जाएगा।

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