Saturday, 7 February 2009
मौसम के बदलते चक्र से चकित लोग
7 feb-नैनीताल: देश के अधिकांश हिल स्टेशनों पर शानदार बर्फबारी की खबरें अब अतीत का हिस्सा बन चुकी हैं। बदलते मौसम चक्र से चिंतित लोग अब यहां मार्च में बर्फबारी की उम्मीद लगाए बैठे हंै। विगत एक सप्ताह में कभी बादल तो कभी तेज हवाओं का चलना या फिर तापमान का घटना-बढ़ना जारी है। और तो और हल्के कोहरे का नैनी झील के ऊपर कब्जा जमाना, मौसम की इसी चुहलबाजी के कारण लोगों कहते सुना जा सकता है कि शायद एक-दो दिन में बर्फबारी हो सकती है। लेकिन मौसम लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दे रहा है। राज्य के जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा मौसम के बारे में पूछने पर अपने चिर परिचित शैली में कहते हैं कि ऋतु या मौसम की जरूरत के अनुसार बारिश, गर्मी या ठंड का महत्व है। अगर बर्फबारी नहीं होती है तो प्रकृति अपनी वास्तविक सौंदर्यता में नजर नहीं आती। गिर्दा के अनुसार वैसे तो कवि हर मौसम में अपनी रचनाएं लिखता है, लेकिन बसंत आने के बाद कवि अपनी रचनाओं को नवजीवन प्रदान करता है। नैनी झील का घटता जलस्तर व मौसम की असंतुलनता, जाने क्या रंग दिखाएगा इस बार का मौसम। यह बात कहते हैं पिछले चार दशक से नैनीताल के लोकप्रिय पर्यटन स्थल Fोब्यू में चाय पकौड़ी की दुकान चलाने वाले बुजुर्ग गोविंद लाल। Fोब्यू से हिमालय की कई विश्र्व प्रसिद्ध चोटियां नंदा कोट, नंदा देवी, त्रिशूल व पंचाचूली अपने अद्भुत नयनाभिराम दर्शन कराती हैं। गोविंद लाल बेहद चिंतित मुद्रा में कहते हैं कि वैसे तो 60 के दशक में मार्च माह तक बर्फबारी हुई है लेकिन अब ऐसा होता संभव नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि बर्फबारी नहीं होने से वास्तविक चमक खोता हिमालय अपने अद्भुत सौंदर्य को कम अवश्य कर देगा। बहरहाल मौसम वैज्ञानिकों की रिपोर्ट कुछ भी कहे लेकिन नैनीताल वासियों को इंतजार है तो केवल बर्फबारी का।