Thursday, 5 February 2009

गढ़वाल में लाखों लोग यातायात सुविधा से वंचित

पौड़ी। गढ़वाल मंडल में लाखों लोग आज भी रोड हैड तक पहुंचने के लिए मीलों दूरी पैदल नापते हैं। मंडल में २९७७ गांवों में अभी सड़क की सुविधा नहीं है। सड़क के अभाव के कारण ये गांव विकास के मामले में भी काफी पिछड़े हुए हैं। इस तरह के सर्वाधिक १०८५ गांव पौड़ी जिले में है।राज्य बनने के बाद सूबे में ग्रामीण अंचलों को सड़क सुविधा से जोडऩे का कार्य प्राथमिकता से करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। मंडल में २९७७ गांवों में अभी सड़क सुविधा नहीं है। इन गांवों में रह रहे लाखों लोगों को आज भी रोड हैड में पहुंचने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ता है। सड़क का अभाव इन गांवों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में रोड़ा बना हुआ है। लोनिवि के अनुसार सड़क सुविधा से वंचित गांवों में ३२ गांव ऐसे हैं, जिनकी आबादी १००० से १४९९ के बीच है। इसके अलावा पांच सौ से ९९९ आबादी वाले गांवों की तादात २५४, २५० से ४९९ तक की आबादी वाले ६४३ गांव है। सड़क सुविधा से वंचित २४९ तक की आबादी वाले गांवों की सं2या २०४४ हैं। ६० गांव जुड़े सड़क सुविधा सेपौड़ी। लोनिवि द्वारा इस वि8ाीय वर्ष में पूरे मंडल के २०१ गांवों को सड़क सुविधा से जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक के दस महीनों में मात्र ६० गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा सका है। विभाग के अनुसार अन्य गांवों को जोडऩे के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही जुड़ेंगे सभी गांव सड़क सेपौड़ी। लोनिवि के मु2य अभियंता एमजी पुरष्करना का कहना है कि इस तरह के सभी गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए हर साल लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया अधिकतर गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यातायात से जोड़े जाने की योजना है। इसके प्रथम चरण में अभी पांच सौ से एक हजार आबादी वाले गांवों के लिए सड़क बनाई जा रही है, लेकिन द्वितीय चरण में ढाई सौ से पांच सौ आबादी के बीच वाले गांवों के लिए इस योजना के तहत सड़के बनाई जाएंगी।