Saturday, 14 February 2009

बर्खास्त सिपाहियों की जमानत याचिका खारिज

देहरादून, : वेरिफिकेशन के नाम पर छात्र-छात्रा को ब्लैकमेल करने के आरोपी सिपाहियों की जमानत याचिका जिला सत्र न्यायाधीश इंदिरा आशीष ने खारिज कर दी। गौरतलब है कि बीती पांच जनवरी को दैनिक जागरण ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए दोनों आरोपी सिपाहियों की करतूतों का खुलासा किया था। पटेलनगर के टीएचडीसी इलाके में रह रहे एक छात्र और छात्रा से वेरिफिकेशन की आड़ में पुलिस के सिपाहियों बृजमोहन व संजय ने न केवल वसूली की, बल्कि उन्हें अश्लील हरकतों के लिए मजबूर कर मोबाइल से तस्वीरें भी उतार लीं और उन्हें ब्लैकमेल करने लगे। इस पर जागरण ने स्टिंग ऑपरेशन कर दोनों सिपाहियों को बेनकाब कर डाला। उधर, सिपाहियों की करतूतों का समाचार जगजाहिर हो जाने के बाद पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज ने दोनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया था। दोनों को इसके बाद जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में प्रस्तुत किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तब से दोनों आरोपी सिपाही जेल में हैं। गुरूवार को दोनों सिपाहियों बृजमोहन व संजय की जमानत याचिका पर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन की ओर से अधिवक्ता जेके जोशी ने तर्क दिया कि घटना वाले दिन व घटना से पहले भी दोनों सिपाहियों ने पीडि़त छात्र-छात्रा को वेरिफिकेशन के नाम पर ब्लैकमेल किया और इसकी आड़ में उनसे वसूली की। जिला सत्र न्यायाधीश इंदिरा आशीष ने अभियोजन के तर्को से संतुष्ट होते हुए उनकी जमानत याचिकाएं अस्वीकार कर दी।

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