Saturday, 7 February 2009

आरक्षित वर्ग के शिक्षकों की बर्खास्तगी ने पकड़ा तूल

7 feb- देहरादून: ओबीसी व एससी-एसटी कमीशन ने शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण मानकों का पालन नहीं करने पर महकमे की खिंचाई की। कमीशन के समक्ष अपर निदेशक ने माना कि महकमे के स्तर पर खामियां रहीं। आरक्षित वर्ग के 21 शिक्षकों को पहले नियुक्ति और फिर बाहर का रास्ता दिखाने के मामले में विस्तृत ब्योरा पेश करने को कमीशन ने 15 दिन की मोहलत दी है। आरक्षित शिक्षकों के मामले में गढ़वाल के अपर शिक्षा निदेशक एनके बहुगुणा आज शुक्रवार को ओबीसी कमीशन के समक्ष पेश हुए। सुनवाई के दौरान कमीशन अध्यक्ष तेजपाल सिंह पंवार ने शिक्षकों की नियुक्तियों में तय आरक्षण लागू नहीं करने पर सख्त एतराज जताया। अपर निदेशक श्री बहुगुणा ने कबूल किया कि नियुक्तियों में आरक्षण की अनदेखी हुई है। यह मामला अब शासन के सुपुर्द है। लिहाजा, शासन के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। संपर्क करने पर कमीशन अध्यक्ष श्री पंवार ने बताया कि महकमे ने मांग पर इस मामले में विस्तृत ब्योरा पेश करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में तय आरक्षण लागू करने पर इस वर्ग के अभ्यर्थियों को ज्यादा मौके मिलते। महकमे ने कम गुणांकों के आधार पर इन शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। आयोग के संज्ञान में सामान्य वर्ग में भी कम गुणांकों वाले अभ्यर्थियों को नियुक्तियों में ज्यादा गुणांकों वाले अभ्यर्थियों को तरजीह देने के मामले हंै। इससे पहले बीती चार फरवरी को इसी प्रकरण पर सुनवाई करते हुए एससी-एसटी कमीशन ने भी महकमे को फटकार लगाई। कमीशन ने आरक्षण लागू करने में लापरवाही को गंभीरता से लिया है।