Saturday, 7 February 2009

अब माओवादी खीमा व देवेंद्र पर नजर

6 efeb- रुद्रपुर: माओवादी प्रशांत राही की पत्‍‌नी चंद्रकला तिवारी उर्फ चारू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने फरार चल रहे दो अन्य कार्यकर्ताओं की घेराबंदी तेज कर दी है। वहीं खुफिया तंत्र भी चौकन्ना हो गया है। साथ ही तराई में विशेष ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। पूछताछ में चारू से कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। इधर आईजी अशोक कुमार ने फिर कहा, राष्ट्र विरोधी ताकतों को पनपने नहीं दिया जायेगा। राज्य में सक्रिय भाकपा (माओवादी प्रतिबंधित संगठन) के जोनल सचिव प्रशांत सांग्लिकर उर्फ प्रशांत राही उर्फ नवीन उर्फ महेश दा को पुलिस ने 22 दिसंबर 07 को नानकमत्ता क्षेत्र के हंसपुर खत्ता के जंगल से गिरफ्तार किया था। उससे लेपटॉप, पेन ड्राइव, सीडी व माओवादी साहित्य भी बरामद हुआ। उसे उत्तराखंड में माओवाद की जड़ें मजबूत करने के लिए भेजा गया था। वह संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य तथा उत्तर प्रदेश व उत्तर बिहार की सब एरिया कमेटी में भी शामिल रहा। प्रशांत के पूर्व में पकड़े गये माओवादी अनिल चौड़ाकोटी व नीरू बल्लभ से भी संपर्क थे। खास बात है कि वर्ष 05 में सकैनिया (गदरपुर) से गिरफ्तार माओवादी अनिल चौड़ाकोटी (आमखर्क पट्टी सूखीढांग चंपावत), जीवन चंद्र आर्य (अल्मोड़ा) तथा नीलू बल्लभ (रजपुरा नंबर दो गदरपुर) से भी प्रशांत राही व उसकी पत्‍‌नी चारू के भी संपर्क रहे। तब राही के खास मददगारों में उसकी उसकी पत्‍‌नी चंद्रकला तिवारी उर्फ चारू, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) निवासी खीम सिंह बोरा व अल्मोड़ा जिले के देवेंद्र चमियाल शामिल थे। तत्कालीन आईजी कुमाऊं अजय कुमार ने भी इसकी पुष्टि की थी। ये सभी उसकी गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे थे। बाद में पुलिस ने चंद्रकला समेत फरार हुए तीनों माओवादियों पर इनाम की राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी थी। इधर पुलिस सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार चंद्रकला ने वांछित दोनों माओवादियों के बारे में कुछ अहम सुराग दिये हैं।