Saturday, 7 February 2009
अनुदेशक के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पर विवाद
नैनीताल: उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपसुल) द्वारा शिक्षण व मार्ग निर्देशन केंद्रों के लिए आशु लेखक अनुदेशक के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया विवादों में आ गई है। सेवायोजन कार्यालय के जरिए साक्षात्कार के लिए भेजे गए अभ्यर्थियों को अब इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा रहा है। इसके चलते इन बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। मालूम हो पूर्व सैनिक कल्याण निगम द्वारा दिसंबर में राज्य के शिक्षण व मार्ग निर्देशन केंद्रों में आशु लेखन अनुदेशक के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गयी। इसके लिए जिला सेवायोजन अधिकारी के जरिए कई अभ्यर्थियों को बुलावा पत्र भेजे गए। काल लेटर के आधार पर जब नैनीताल जिले के आधा दर्जन अभ्यर्थी पूर्व सैनिक कल्याण निगम के देहरादून स्थित मुख्यालय पहुंचे तो सभी अभ्यर्थियों को वहां से बैरंग लौटा दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि देहरादून से उन्हें हल्द्वानी स्थित शिक्षा एवं मार्ग दर्शन केंद्र में सम्पर्क करने को कहा गया। वहां जाने पर केंद्र प्रभारी ने ऐसी किसी सूचना से ही इनकार कर दिया। केन्द्र प्रभारी के कहने पर रिक्त पदों की जानकारी लेने के बाद वह जब क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी अल्मोड़ा के पास गए तो उन्होंने पहले रिक्तियों की मियाद वर्ष 2008 में ही खत्म हो जाने की बात कहते हुए उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें एक पखवाड़े में काल लेटर भेजने की बात कही, लेकिन साक्षात्कार के लिए काल लेटर अभी तक नहीं मिले हैं जबकि साक्षात्कार प्रक्रिया 5 फरवरी को आयोजित की जा रही है। मंगलवार को इन अभ्यर्थियों ने आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज इस मामले की जांच कर बेरोजगारों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई गई है। ज्ञापन में हेमंत कुमार, दिनेश सुयाल, गिरीश चंद्र, भावना हाल्सी व भुपेश तिवारी के हस्ताक्षर हैं।