Monday, 9 February 2009

ग्रामीण छात्रों का दाखिला भी आसान

9 feb- देहरादून उत्तराखंड तकनीकी विवि की कवायद रंग लाई तो प्रदेश के ग्रामीण विद्यार्थी भी विवि से संबद्ध राजकीय व निजी इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश पा सकेंगे। इस बार बीटेक व बीआर्क कोर्सो के लिए उत्तराखंड राज्य प्रवेश परीक्षा (यूकेएसईई) की रैंकिंग के आधार पर दाखिले दिए जाएंगे। पिछले वर्ष तक स्टेट व ऑल इंडिया कोटे के दाखिले एआईईईई की रैंकिंग के आधार पर किए जाते थे। विवि ने यह व्यवस्था केवल स्टेट कोटे की सीटों के लिए की है। ऑल इंडिया कोटे वाली सीटों पर दाखिले एआईईईई की रैंकिंग के आधार पर होंगे। अभी तक सूबे के इंजीनियरिंग कालेजों में ऑल इंडिया इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एआईईईई) की रैंकिंग के आधार पर दाखिले दिए जाते रहे हैं। सूबे के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों को भी राज्य में स्थित इंजीनियरिंग कालेजों में पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराने के लिए इस बार से यूटीयू ने इंजीनियरिंग की पचास प्रतिशत स्टेट कोटे की सीटों पर यूकेएसईई की रैंकिंग के आधार पर दाखिले करने का फैसला लिया है। उत्तराखंड तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. डीएस चौहान ने बताया कि एआईईईई की परीक्षा कोचिंग आधारित हो गई है, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। यूकेएसईई को बोर्ड परीक्षा को आधार बनाकर कराया जाएगा ताकि बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी उसको क्वालीफाई कर सकें। प्रो. चौहान ने बताया कि एआईईईई बड़े स्तर की परीक्षा है। इसकी रैंकिंग भी लाखों में होती है। इसके चलते अधिकतर शहरी क्षेत्रों में कोचिंग इंस्टीट्यूट में तैयारी करने वाली विद्यार्थी ही इसमें सफल होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो एआईईईई के परीक्षा फार्म तक उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। ऐसे में उनके लिए यूकेएसईई इंजीनियरिंग में प्रवेश का एक अच्छा मौका है। यूकेएसईई के फार्म पोस्ट ऑफिसों में आसानी से उपलब्ध होंगे। परीक्षा के लिए राज्य में कई जगह परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।