Tuesday, 10 February 2009
पौड़ी, नैनीताल भाजपा की हॉट सीटजनरलों और बचदा की प्रतिष्ठा दांव पर
भाजपा के लिए पौड़ी और नैनीताल लोकसभा सीट खास अहमियत रखती हैं। यहां से हार या जीत पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को भी काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं। पौड़ी सीट पर मु2यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी की प्रतिष्ठा दांव पर है तो प्रदेश अध्यक्ष बची सिंह रावत का पुनर्वास नैनीताल के नतीजे पर टिका है।खंडूरी ने पौड़ी लोकसभा सीट टीपीएस रावत के लिए खाली की थी। रावत ने उनके लिए धुमाकोट की विधायकी और कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। धुमाकोट से ही खंडूरी भारी बहुमत से विधायक चुने गए। पौड़ी लोकसभा उपचुनाव में रावत ने मु2यमंत्री खंडूरी के सहारे जीत दर्ज की। लोकसभा चुनाव में पौड़ी से कांग्रेस के प्रत्याशी सतपाल महाराज सिर्फ एक बार खंडूरी को हरा पाए हैं।
पौड़ी मु2यमंत्री का गृह जिला है। ऐसे में लगातार दस जीत का आंकड़ा स्पर्श कर चुके खंडूरी के लिए यहां एक और फतह पार्टी को दिलाना बहुत बड़ी चुनौती होगी। दूसरी तरफ, नैनीताल सीट पर बची सिंह रावत का पदार्पण भी इस मायने में अहम होगा कि वह अपने क्षेत्र अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के सुरक्षित हो जाने पर वह पहली बार दूसरे क्षेत्र से मैदान में हैं। यहां शिकस्त का मतलब उनके सियासी भविष्य पर काले बादल मंडराना होगा। प्रदेश अध्यक्ष की कुरसी भी लंबे समय तक रहनी मुश्किल है। ऐसे में वह किसी भी सूरत में जीत दर्ज करना चाहेंगे। भले पार्टी के लिए पांचों सीटें अहम हैं, लेकिन इन दो सीटों को पार्टी किसी भी सूरत में जीतना चाहेगी। हालांकि, नैनीताल सीट इस समय कांग्रेस के क4जे में है।