Friday, 27 February 2009

पूर्व सैनिक व विकलांग के लिए क्षैतिज आरक्षण

27.2.9- देहरादून, : सरकार ने सदन में दो विधेयक पेश कर पूर्व सैनिकों व विकलांगों के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है, जबकि डीटीएच प्रसारण सेवा को कर की परिधि में लाया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने सदन में उत्तराखंड(उत्तराखंड लोक सेवा(शारीरिक विकलांग, स्वंतत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित व पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1993 संशोधन विधेयक तथा उत्तराखंड(उत्तर प्रदेश आमोद और पणकर अधिनियम 1979 संशोधन विधेयक पेश किए। पहले विधेयक से उत्तराखंड की लोक सेवाओं में पूर्व सैनिकों व विकलांगों को क्षैतिज आरक्षण का समुचित लाभ मिलेगा। वर्तमान में यह लाभ राज्य के अधिवासियों को नहीं मिल रहा है। डीटीएच प्रसारण सेवा को करारोपण की परिधि में लाए जा रहा है। इससे राज्य को डीटीएच सेवा से आमोद कर के रूप में राजस्व नहीं मिल रहा है। इससे राजस्व के रूप में करीब एक करोड़ वार्षिक मिलने की संभावना है। इधर, मुख्यमंत्री की ओर से पतंजलि विवि, हिमगिरि विवि, पेट्रोलियम व ऊर्जा अध्ययन विवि, देव संस्कृति विवि और इक्फाई विवि अधिनियमों में संशोधन विधेयक सदन के पटल पर पेश किए गए।

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