Monday, 9 March 2009
नंदप्रयाग में समुद्रमंथन देखने को उमड़े श्रद्धालु
Mar 09, 01:50 am
गोपेश्वर (चमोली)। गंणाई की मां चण्डिका देवरा यात्रा के अंतिम चरण में रविवार को नंदाकिनी और अलकनंदा के संगम तट नंदप्रयाग में समुद्र मंथन का आयोजन किया गया। समुद्रमंथन कार्यक्रम को देखने क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु संगम पर पहुंचे। इसे देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह बना रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत थी।
रविवार को यहां आयोजित समुद्र मंथन में ग्रामीण, क्षेत्रीय जनता व दूर-दूर से आये कई लोग उपस्थित थे। समुद्र मंथन दो पक्षों दानव पक्ष व देव पक्ष द्वारा किया गया। समुद्र मंथन में चौदह रत्न निकले। इसमें सर्वप्रथम हलाहल नाम का विष पात्र निकला, जिसे भगवान शिव ने ग्रहण किया। इससे भगवान शंकर का नाम नीलकण्ठ पड़ा। इस अवसर पर देवरा समिति के अध्यक्ष जोगेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि यह मंथन प्राचीन दैवीय कथाओं को संजोये रखने के लिए आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर प्रेमबल्लभ सती, अम्बिका दत्त सती, सुरेशानन्द सती, मथुरा सिंह नेगी सहित कई लोग उपस्थित थे।
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