Saturday, 7 March 2009

विकास को तरसती भीम-सरोवर पर्यटन नगरी

, भीमताल विकास मामले में भीम सरोवर पर्यटन नगरी पर किसी की बुरी नजर लग गई है। नगर पंचायत की ओर से चालू वित्तीय वर्ष में जहां कोई विकास कार्य नहीं हुए वहीं नगर पंचायत में अवस्थापना मद में पड़े लाखों रुपये लैप्स होने की कगार पर हैं। चुनाव आचार संहिता लगने के कारण अवस्थापना विकास निधि के लगभग 42 लाख रुपये बैंक खातों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 06-07 में तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष व कांग्रेस नेत्री चित्रा थापा के प्रयास से नगर में विकास कार्य के लिए अवस्थापना विकास निधि के तहत नगर पंचायत को 67 लाख रुपये शासन से मिले थे। इसमें पहली किश्त के रूप में 31 लाख तथा दूसरी में 36 लाख मिले थे। इस बीच लगभग 25 लाख रुपये की लागत से नगर में 10 विकास कार्य भी शुरू कराए गए। इसे विडम्बना की कहा जाएगा कि नगर में विकास के लिए इतना पैसा लाने के कुछ ही समय बाद अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में चेयरमैन श्रीमती थापा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। कुछ समय बाद निकाय चुनाव हुए और उसके बाद से आज तक नगर में अवस्थापना विकास निधि से एक भी काम नहीं हो पाया। विभागीय सूत्रों के अनुसार अवस्थापना निधि में मिली 67 लाख में से केवल 25 लाख ही खर्च पाए हैं। 06-07 का पैसा होने के बावजूद पहले इसे इसी वित्तीय वर्ष में खर्च होना चाहिए था। कम समय होने बहाना मारकर पंचायत प्रशासन ने किसी प्रकार पैसा खर्च करने की अवधि 07-08 तक के लिए बढ़ा ली। इस अवधि में पैसा खर्च नहीं होने पर लम्बी जद्दोजहद के बाद अवधि 08-09 तक के लिए बढ़ाई गई। हैरानी की बात यह कि खातों में पड़े होने के बावजूद 42 लाख रुपये आज तक खर्च नहीं हो पाए। इससे नगर में विकास की धार कुंद हुई है।

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