Saturday, 25 July 2009
कैबिनेट हल करेगी पत्राचार बीटीसी का मसला
देहरादून। पत्राचार बीटीसी को राजकीय सेवाओं के लिए मंजूरी के मामले
में कैबिनेट फैसला करेगी। यही नहीं, सरकार ने तदर्थ शिक्षा बंधुओं के विनियमितीकरण से इंकार कर दिया है।
विधायक ओम गोपाल रावत के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने स्वीकारा कि पत्राचार बीटीसी राजकीय सेवाओं के लिए मान्य करने के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति ने 27 नवंबर, 2006 के शासनादेश में संशोधन की संस्तुति की है। शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह बिष्ट के मुताबिक संस्तुति के बारे में फैसला कैबिनेट करेगी। गोपाल सिंह रावत के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि राजकीय तदर्थ शिक्षक महासंघ अस्तित्व में नहीं है। अलबत्ता, शिक्षा बंधुओं का विनियमितीकरण संबंधी मांग पत्र मिला है। उमादेवी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते तदर्थ शिक्षा बंधुओं का विनियमितीकरण संभव नहीं है। सरकार ने बीते सत्र में 1748 शिक्षकों के तबादले किए। इनमें गढ़वाल के 1086 व कुमाऊं के 662 शिक्षक शामिल हैं। वर्ष 2008-09 की स्थानांतरण नीति घोषित होने से पहले 76 शिक्षकों के तबादले किए गए। तबादले उच्चस्तरीय अनुमोदन के बाद किए गए। उन्होंने बताया कि एलटी विज्ञान-गणित विषय के 43 शिक्षकों के विषय संयोजन असंगत हैं। विधायक नारायण पाल के सवाल के जवाब में राज्यमंत्री ने बताया कि विद्यालय भवनों के नव निर्माण व रखरखाव के लिए 58 अवर अभियंता कार्यरत हैं।
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BTC KAHA KAHA SE CORRESPONDENCE HOTA HAIN YA THA..KYA AAJ BHI HO SAKTA HAIN
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