Friday, 6 March 2009
फ्योंली के फूल अब राजधानी में भी
Thursday, 5 March 2009
उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षाएं आज से
सचिवालय के अनुभाग अधिकारियों, निजी सचिवों व समान संवर्ग पदों को उच्च वेतनमान
संबद्धता में अब नहीं झंझट
प्रशासनिक पद छोड़ो या लो उच्च वेतन
हाइवे का निर्माण रुकवाया
अब कार्निवल भी निरस्त
बर्लिन में होगी पर्यटन प्रदेश उत्तराखंड की ब्रांडिंग
ासूम की हत्या के विरोध में बाजार बंदपीपलकोटी
टिहरी जिले में बसाए नगर नहीं हो पाए विकसितनई टिहरी।
पौड़ी परिसर में बीएड शुरूपौड़ी।
हास-परिहास का अनूठा संगम है होली स्वांग
नलिनी में फिर घुसा गुलदार
फिर मुड़कर नहीं देखा उत्तराखंड
शहीदों के नाम पर राज्य के स्कूलों का नामकरण
दरबार में झंडे का आरोहण 15 को
एफआरआई के इतिहास से रूबरू होंगे लोग
बिजली कर्मी व शिक्षक होली में मनाएंगे दिवाली
4 feb-
शिक्षकों को केंद्रीय वेतनमान देहरादून,
: चुनावी बेला पर राज्य के प्राइमरी से माध्यमिक तक हजारों शिक्षकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। राज्य सरकार ने उन्हें केंद्रीय शिक्षकों के समान वेतन देने का आदेश जारी कर दिया है। सरकार ने शिक्षकों को उनकी एक सूत्रीय मांग के मुताबिक वेतन तो दिया है, लेकिन केंद्रीय शिक्षकों की तर्ज पर ही उनकी दक्षता व कार्यकुशलता का आकलन किया जाएगा। इसके लिए उन्हें शैक्षिक स्तर बनाए रखने के कड़े मानकों पर खरा उतरना होगा। अगला उच्चतर वेतनमान देने से पहले नियमित अंतराल में उनकी कार्य क्षमता परखी जाएगी। छठवें केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में एक जनवरी, 2006 से प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षण संस्थाओं के शैक्षणिक पदों को रिप्लेसमेंट स्केल उच्चीकृत किया गया है। इसका लाभ शिक्षा विभाग, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा। वित्त प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने उक्त संबंध में शिक्षा सचिव के लिए आदेश जारी किए हैं। केंद्रीय शिक्षकों की भांति राज्य के शिक्षकों को एक अप्रैल, 2009 से उच्चीकृत वेतनमान स्वीकृत हुआ है। सरकार ने राज्य के शिक्षकों के साधारण, चयन व प्रोन्नत वेतनमान को केंद्रीय शिक्षकों के समान ग्रेड-तीन, ग्रेड-दो व ग्रेड-एक श्रेणी में वर्गीकृत किया है। प्राथमिक शिक्षक के साधारण वेतनमान 4500-7000, चयन वेतनमान 5000-8000 व प्रोन्नत वेतनमान 5500-9000 को उच्चीकृत कर अब क्रमश: 6500-10500, 7450-11500 व 7500-12000 किया गया है। उन्हें क्रमश: 4200, 4600 व 4800 ग्रेड वेतन मिला है। इसी क्रम में प्राइमरी हेडमास्टर को उच्चीकृत
देहरादून, : छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर बिजली कर्मियों का आंदोलन आखिर रंग ले आया। प्रदेश सरकार ने तीनों बिजली निगमों में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करके करीब 8000 अधिकारी-कर्मचारियों की पांचों उंगलियां घी में डुबो दीं। होली से पहले सबसे बड़ा तोहफा यह, कि छठा वेतनमान तो उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की तर्ज पर मिला, जबकि भत्ते उत्तराखंड की सेवा नियमावली के हिसाब से मिलेंगे। इसका अर्थ यह कि उन्हें राज्य सरकार के मुलाजिमों से ज्यादा पगार मिलेगी। बीते रोज हुए शासनादेश के बाद तीनों बिजली निगमों (ऊर्जा निगम, जलविद्युत निगम व पारेषण निगम) के प्रबंधन ने भी छठे केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप पुनरीक्षित वेतनमान का कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया। शासनादेश के मुताबिक निगमों में छठा वेतनमान एक जनवरी 2006 से लागू होगा। वेतन पुनरीक्षण के फलस्वरूप 31 मार्च 2009 तक के एरियर का भुगतान तीन किश्तों में होगा। यानी, वर्ष 2009-10 में 40 प्रतिशत, 2010-11 में 30 फीसदी व 2011-12 में 30 प्रतिशत कर्मचारियों के भविष्य निर्वाह निधि अथवा बाँड के रूप में दिया जाएगा। खास बात यह है कि सूबे के बिजली को छठा वेतनमान तो पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के पावर कारपोरेशन की तर्ज पर मिला है, जबकि महंगाई भत्त व अन्य भत्ते उत्तराखंड सरकार के समान अनुमन्य किए गए हैं।
Tuesday, 3 March 2009
Monday, 2 March 2009
बाघों के संरक्षण को विश्र्व बैंक आगे आया
छोटी उम्र में बड़ा कारनामा
भट्ट ने उठाया गठबंधन धर्म निभाने का बीड़ा!
औली: मजाक बना स्कीइंग प्रशिक्षण
दून पर जनरल की नजर-ए-इनायत
अपहरणकर्ताओं के साथ हल्द्वानी पहुंची पुलिस टीम
जागर से लेकर छपेली व झोड़ा का अनूठा प्रदर्शन
जगह-जगह बरसने लगा होली का रंग
होली खेलन आयो कन्हैया.. नैनीताल: फाल्गुन मास शुरू होते ही बैठकी होली गायन का दौर तेज हो गया है। रविवार को प्रसिद्ध सिने अभिनेता हेमंत पाण्डे के निगलाट स्थित आवास पर होली गायकों ने खूब धूम मचाई। होली गीतों पर हेमंत पांडे भी झूम उठे। उन्होंने खुद भी होली गीत गाए और ठुमके लगाए। बैठकी होली का आगाज होली खेलन आयो कन्हैया., नदिया किनारे मेरो गांव. से किया गया। इसके बाद राग काफी में सैयां की सेज कैसे जाऊं, सखी मोरी पायल बाजे. ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद बालम निको लागे तोरे बोल, बइय्यां पकड़ मुख मलत गुललुवा, अब तो तिहारी बन आई छयलुआ के गायन के दौरान श्रोता थिरकने लगे। इससे पूर्व सिने अभिनेता श्री पाण्डे ने होली गायकों को अबीर गुलाल लगाकर स्वागत किया। इस मौके पर गायकों ने एक से बढ़कर बैठकी होली प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। इस दौरान हारमोनियम पर हेम जोशी व तबले पर दीपक पंत की संगत में उठी संगीत की मधुर धुनों से श्रोता अपने कदम रोक नहीं पाए। इस अवसर पर भगवत जोशी, शैलेश पाण्डे, दीप जोशी, दुर्गादत्त पांडे, बालम सिंह, कैलाश भट्ट समेत तमाम होली प्रेमी व संस्कृति कर्मी मौजूद थे। सभी ने काफी देर तक होली गायकी का लुत्फ उठाया।
होरी खेलत नंदलाल सखिन संग धूम मची है हल्द्वानी: होली महोत्सव पर होरी खेलत नंदलाल सखिन संग धूम मची हैं व चतुर तुम कान्हा जाने नहीं पाओगे आदि होली गीतों से डा. पंकज व जेसी पंत ने समा बांध दिया। रविवार को हिमालय संगीत शोध समिति ने होली उत्सव का आयोजन किया। संस्था के संरक्षक जेसी जोशी, पुष्कर सिंह व भोला भट्ट ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर बड़ी संख्या में कलाकार व लोगों ने रचनाओं से साथ तान छेड़ी। वहीं नवीन चंद्र जोशी ने संग की सहेली निकस गई व पुष्कर नेगी ने मां व्रज देश निगोड़ा, तकत मोरी चोली का डोरा आदि गीतों से लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाश वर्मा, संचालन डा. जेसी पंत ने किया। इस अवसर पर ड्रामा डिवीजन के वरिष्ठ कलाकार चंद्रशेखर कपिल, वादक धीरज उप्रेती, जगदीश जोशी, योगेश जोशी, पं. जमुनादत्त कोठारी, गोपाल दत्त पाठक, चंद्र दत्त मठपाल, पत्रकार आनंद बल्लभ उप्रेती, तारा चंद्र गुरूरानी, हरीश पंत, देवेन्द्र नैनवाल, दिनेश पाठक, रामू साह, प्रेम त्रिपाठी, कवि शेरदा अनपढ़, एनसी तिवारी, उमेश तिवारी, गिरीश उप्रेती, ललित मोहन कांडपाल व वीसी जोशी आदि उपस्थित रहे।
विद्युत उत्पादन गिरा, त्राहि-त्राहि
पर्यावरण समेत दर्जनभर नए कोर्स होंगे शुरू
दर्जनभर स्कूलों का उच्चीकरण
विलायती को भायी दून की माटी
बदरी-केदार की भूमि मे मुस्कराई देवियां
ताज न सज सका हो, लेकिन दूनवासियों के दिलों का तो वह सरताज
भूगोल बदला, तो बदलेगा इतिहास!
2.3.9
देहरादून मौजूदा समय में उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों में से एकमात्र पूर्ण मैदानी विधानसभा सीटों वाली लोकसभा सीट हरिद्वार को भी नए परिसीमन ने पहाड़ से जोड़ दिया है। फिलहाल सबसे कम विधानसभा सीटों को समेटे इस लोकसभा सीट में अब देहरादून जिले की तीन विधानसभा सीटें जुड़ जाने से इसका राजनैतिक भूगोल खासा दिलचस्प बन गया है। यह सवाल भी शिद्दत से उठ खड़ा हुआ है कि बदला हुआ भूगोल क्या इस लोकसभा सीट के इतिहास को भी बदल डालेगा। अब लाजिमी तौर पर नए परिसीमन के बाद इस सीट से वही चुनावी गंगा पार कर पाएगा जिसके पैर मैदान में तो मजबूती से जमें ही, पहाड़ में भी न रपटें। मौजूदा समय में हरिद्वार लोकसभा सीट के तहत जो नौ विधानसभा सीटें हैं वे अकेले हरिद्वार जिले में ही हैं। इस लिहाज से यह लोकसभा सीट अनूठी कही जा सकती है कि जहां राज्य के बारह जिलों में चार लोकसभा सीटें फैली हैं, वहीं एक हरिद्वार जिले में ही पूरी लोकसभा सीट विस्तृत है। नए परिसीमन में हरिद्वार जिला इस दृष्टिकोण से फायदे में रहा कि यहां दो विधानसभा सीटों की बढ़ोतरी हो गई और अब यहां नौ की बजाए ग्यारह विधानसभा सीटें हो जाएंगी। जिले की विधानसभा सीटों में वृद्धि की यह स्थिति यहां जनाधार रखने वाले दलों के लिए सूबे की सियासत के लिहाज से नि:संदेह फायदे का सौदा बनेगी लेकिन नए परिसीमन के बाद प्रत्येक लोकसभा सीट में 14-14 विधानसभा सीटों के बटवारे ने लोकसभा चुनाव में इन दलों के समक्ष मुश्किलें भी पैदा कर दी हैं। यह इसलिए क्योंकि अब इस मैदानी लोकसभा सीट में तीन सीटें पहाड़ की जुड़ रही हैं और इस वजह से इस सीट के तमाम राजनैतिक व जातीय समीकरण उलटफेर के शिकार हो जाएंगे। दरअसल, नए परिसीमन के हिसाब से हरिद्वार की ग्यारह सीटें तो जिले में ही विस्तृत हैं जबकि जो तीन नई सीटें इस लोकसभा सीट में शामिल हुई हैं वे देहरादून जिले की हैं। ये सीटें हैं धरमपुर, डोईवाला और ऋषिकेश। इस तीनों सीटों के हरिद्वार लोकसभा सीट में जुड़ने का सीधा मतलब है इस सीट के मौजूदा भूगोल में खासा परिवर्तन। वर्तमान लोकसभा में इन तीनों विधानसभा सीटों के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र टिहरी लोकसभा का हिस्सा है, यानी पूर्ण पर्वतीय टिहरी लोकसभा सीट के इस क्षेत्र के मतदाता नए परिसीमन में अब तक पूर्ण मैदानी लोकसभा सीट हरिद्वार का सांसद चुनने के लिए वोट डालेंगे। स्वाभाविक रूप से टिहरी जैसी पहाड़ी और हरिद्वार जैसी मैदानी लोकसभा सीटों के मतदाताओं मिजाज में तो फर्क होगा ही और यही फर्क परिसीमन में बाद उभरी हरिद्वार लोकसभा सीट की नई तस्वीर को दिलचस्प बना रहा है।
