Monday, 12 January 2009
केंद्रीय कमेटी का भागीरथी दौरा
आहत कलाकार सरकार पर भड़के
दिल्ली में दिखेगे राज्य के उत्पाद
उत्तराखंड में बाजार तलाश रहा हिमाचल
बेगानेपन में बाहर हो गई फूलों की घाटी
उत्तराखंडअपनों की अनदेखी ही फूलों की घाटी को भारी पड़ गई। इसी बेगानेपन का नतीजा रहा कि देश विदेश में मशहूर उत्तराखंड की यह घाटी दुनिया के सात प्राकृतिक आश्चर्यों की दौड़ में टिकी न रह सकी। न्यू सेवन नेचुरल वंडर्स प्रतियोगिता में यह वैली दूसरे राउंड में जगह नहीं बना पाई। हालांकि भारत की उम्मीद अभी पूरी तरह से टूटी नहीं है। असम का काजीरंगा नेशनल पार्क प्रतियोगिता के दूसरे राउंड में जगह बनाने में सफल रहा। दुनिया के सात प्राकृतिक आश्चर्यो के चयन के लिए पुर्तगाल की संस्था न्यू सेवन वंडर्स फाउंडेशन यह ऑन लाइन प्रतियोगिता करा रही है। इसमें लोगों को एसएमएस या ई-मेल के जरिए अपने पसंदीदा नाम को वोट देना होता है। पिछले साल ताज महल की वजह से न्यू सेवन वंडर्स फाउंडेशन की प्रतियोगिता देश में काफी चर्चित रही थी। फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट न्यू सेवन वंडर्स डॉट कॉम के मुताबिक भारत के राष्ट्रीय प्रतिभागियों में काजीरंगा पार्क और बहुराष्ट्रीय प्रतिभागियों में गंगा नदी, पांगोंग झील ने पहला राउंड पार कर लिया है। ये प्राकृतिक अजूबे 261 नामित आश्चर्यो में शामिल हैं। प्रतियोगिता में 441 नाम आए थे। इनमें से 40 फीसदी यानी 180 नाम पहले राउंड में ही बाहर हो गए। शुरू में फूलों की घाटी दुनिया की 90 आश्चर्यो में शामिल थी मगर दिसंबर में वह 120वें स्थान पर चली गई। दरअसल किसी आधिकारिक ग्रुप ने उसे सपोर्ट ही नहींकिया। इससे वह वोटों में पिछड़ गई। दूसरे चरण में 77 टाप आश्चर्यो के चुनाव के लिए वोटिंग सात जुलाई 2009 तक चलेगी। इनमें से 21 आधिकारिक प्राकृतिक आश्चर्य चुने जाएंगे। जिनकी न्यू सेवन वंडर्स फाउंडेशन का विशेषज्ञ पैनल 21 जुलाई को घोषणा करेगा। तीसरे और फाइनल राउंड के लिए वोटिंग दो साल यानी 2011 तक चलेगी।
Sunday, 11 January 2009
लंदन पहुंचा पहाड़ के अमन का कमाल
१० जनवरी ०९-
कई वेव पेज डिजाइन कर चुका हैं अमन
बिल गेट्स ने नाम दिया द-एनिमेटर
द एनिमेटर के नाम से मशहूर देहरादून के नन्हें जीनियस अमन की आवाज लँदन तक जा पहुंची हैं । देहरादून कालेज आफ इंटरएकिटव आट्स का यह महज साठे आठ साल का प्रवक्ता अपनी उम्र से दुगने बीएसी लेवल के छात्रो को एनिमेशन के गुर सिखा रहा हैं
लंदन की एजेंसी ने अमन की इस खूबी पर खबर प्रकाशित की हैं । गिनीज बुक आंफ वल्ड रिकाड्स के लिए उसका नाम भेजा गया हैं । अगर अप्रूवल मिला तो वह दुनिया का सबसे कम उम्र का प्रवक्ता बन जाएगा ।चुक्खूवाला में एक छोटे से स्कूटर मैकेनिक रहमान के घर २६ जुलाई २००० में जन्मे सेंट थामस के कक्षा ४ के छात्र अमन को अपने भाई से यह शौक जागा । और पिता ने उसके लिए सेकंड कंप्यूटर खरीदा था लेकिन उस पर कब्जा जमाया अमन ने ।अमन ने उस पर अंगुलियों का वह जादू जगाया कि बड़े -बड़े कायल हो गए । पुत्र की धुन ने पिता को भी उत्साहित कर दिया ।हिल्टान सेंटर में अपनी मेधा से वह स्पीड पकड़ी कि अच्छों-अच्छों की पकड़ से बाहर हो गया । अब तक वह डाटा लाँजिसिटक्स,आजीविका सुधार परियोजना आदि के लिए वेब पेज भी डिजाइन कर चुका है । वह बिल गेट्स से काफी प्रभावित है ।
अमन के सम्मान-
उत्तरांचल राज्य अल्पसंख्यक आयोग की तरफ से -बाल गौरव सम्मान (१५ अगस्त २००६)
प्रतिष्ठ सामाजिक संस्था नेशियो की तरफ से अनमोल रत्न अवा़र्डSaturday, 10 January 2009
आपदा राहत निधि को सौ करोड़
हाईकोर्ट ने किया महिला अभ्यर्थी का चयन रद्द
घर पहुंचे खिलाडि़यों का स्वागत
राजधानी में साकार होगा पंजाब का लोकजीवन
प्रो. पुरोहित अंतर्राष्ट्रीय समिति के सदस्य
उत्तराखंड में सूखे के हालात
सरकार का हाथ तंग, नहीं बजट को धन
फिर ताकत दिलाई याद भाजपा दिग्गज पहुंचे कार्यकर्ताओं के दरबार
अब मरीजों के द्वार पहुंचेगी मोबाइल चिकित्सा
संस्कृति से रूबरू कराते हैं सांस्कृतिक मेले
ओखलकांडा में स्थापित होगा गो मूत्र शोधन केंद्र
उत्तराखंड आंदोलन के लिए प्रताड़ना झेलने वालों की मुराद हुई पूरी
सम्मान : जेल न जाने वाले भी आन्दोलनकारी
23दिसंबर 08 का शासनादेश जारी
सरकार ने तय किये पांच मानक , शासनादेश भी जारी
उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए सँघषॆ करने वालों की मुराद मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने पूरी कर दी हैं आंदोलनकारीयों को चिन्हित करने को अब नये मानक तय कर दिए गए हैं । अब जेल न जाने वालों को भी आंदोलनकारी का सम्मान मिल सकेगा ।राज्य निमाण आंदोलन में लोगों ने तमाम तरह की प्रताड़नाए झेली । इस आँदोलन की एक खास बात यह रही कि तमाम लोग सीधे तौर पर इससे जुडे रहे तो तमाम लोगों ने दूर रहकर इसे गति प्रदान की । मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुभाष कुमार ने इसकी पुष्टि की हैं उन्होने बताया कि नये शासनादेश में पांच मानक तय किये गये हैं
१-भले ही कोई जेल न गया हो पर अगर एल आईयू की आंदोलन से जुड़ी किसी भी रिपोटॆ मे उसका नाम शामिल हैं तो उसे आंदोलनकारी माना जाएगा ।
२- इसी प्रकार आंदोलन में चोट लगने के बाद कराए गए मेडिकल का प्रमाणपत्र भी इस सूची में नाम शामिल कराने के लिए पयाप्त हैं
३-किसी भी थाने मे दजॆ एफ आई आऱ में किसी का भी नाम शामिल हों उसे आंदोलनकारी माना जाएगा ।
४-अगर किसी को गिरफ्तार किया गया हैं और अदालत ने उस तत्काल रिहा कर दिया हो उसे आंदोलनकारी माना जाएगा
५-अगर जिलाधिकारी किसी साक्ष्य से संतुष्ठ हो तो उसे उसे आंदोलनकारी माना जाएगा । ख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को इस बारे में निदेश जारी कर दिये है ।यदि आप या आपका कोई परचित इस मानक में आता हैं तो इसकी सूचना संबधित जिलाधिकारियों को देकर आँदोलनकारियों की सुची में अपना नाम दजॆ कराये । इससे यदि आप राज्य में सरकारी नौकरी एंव सम्मान के भागीदार बन जाएगें । उत्तराखंड में के लिए आँदोलनकारियों विशेष आऱक्षण की सुविधा हैं यदि कोई जानकारी प्राप्त करनी हो तो हमेशा आपके साथ -राकेश जुयाल -09412346262
Friday, 9 January 2009
अब नोडल कार्यालय को भी देहरादून ले जाने की तैयारी!
9 jan 09-देहरादून: पणजी (गोवा) में हुई 23वीं राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह ने स्वर्ण और विकास चौहान ने कांस्य पदक जीतकर पुलिस का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड स्टेट ताइक्वांडो-डू फेडरेशन के महासचिव नीरज वर्मा ने यह जानकारी दी। प्रतियोगिता में 26 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के विभिन्न भार वर्गो में भूपेंद्र सिंह ने सूबे को स्वर्ण और विकास चौहान ने कांस्य पदक हासिल कर 9सूबे को सफलता दिलाई।
पूर्व सांसद बलराज पासी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बची सिंह के बीच वर्चस्व
शिल्पियों की संजीवनी हिमाद्रि
शिक्षा मित्रों का आंदोलन समाप्त
दिल्ली की तजॆ पर दून बस स्टापेज
अल्मोड़ा में बनेगा उत्तराखण्ड का पहला रूडसेट भवन
घोषणा नहीं कार्य में विश्र्वास रखती है भाजपा:
छात्रसंघ ने भी किया योग प्रशिक्षितों का समर्थन
मूलभूत जरुरतों को भी तरस रहा शहर
हैप्पी-बर्थडे तुम जियो हजारों साल 57वर्ष के हो गए यशपाल,
9 jan09-
हल्द्वानी: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष यशपाल आर्य गुरुवार को 57वर्ष के हो गए। उनके जन्मदिन को कांग्रेसियों ने पूरे जोश- खरोश के साथ मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनकी दीर्घायु की कामना के लिए जगह-जगह गरीबों, कुष्ठ रोगियों और मरीजों को जहां कंबल व फलों का वितरण किया, तो श्री आर्य के आवास पर बधाई देने वालों का सुबह से ही तांता लगा रहा। श्री आर्य ने अपना 57 वां जन्मदिन छड़ैल सुयाल स्थित आवास पर सादगी से मनाया। आवास परिसर के बाहर स्थित मंदिर पर उन्होंने पत्नी पुष्पा आर्य, पुत्र संजीव आर्य, पुत्रवधू रेखा आर्य के साथ हवन-पूजन किया।
दमुवाढुंगा को राजस्व ग्राम की कवायद
9,jan09-: दमुवाढुंगा खाम जवाहर ज्योति को राजस्व ग्राम बनाए जाने की नए सिरे से कवायद शुरु हो गई है। ग्रामीणों की वर्षो से चली आ रही इस मांग पर शासन की मंजूरी के बाद स्थलीय निरीक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों से समस्त अभिलेखों के सत्यापन की पहल तेज कर दी है। गुरुवार को जेडीएम पब्लिक स्कूल जवाहर ज्योति में वन एवं परिवहन मंत्री बंशीधर भगत की अध्यक्षता में बैठक हुई। श्री भगत ने कहा कि ग्रामवासियों की लंबे समय से दमुवाढुंगा को राजस्व ग्राम घोषित करनी की मांग चली आ रही थी। जिसको सरकार के समक्ष रखा गया। उन्होंने सर्वे टीम को पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। इसमें संयुक्त सर्वे टीम द्वारा प्रथम चरण में ग्रामीणों से अभिलेख प्रस्तुत करने का कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। 11 से 19 जनवरी तक जमरानी कालोनी स्थित अतिथि गृह में लोगों को परिवार की सूची, मुखिया का फोटो, राशन कार्ड, पहचान पत्र, बिजली एवं पानी के बिल, परिवार रजिस्टर की नकल आदि अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। ग्राम प्रधान महेश जोशी ने ग्राम वासियों से प्रतिदिन प्रात: 10 से सायं पांच बजे तक बसावट की पुष्टि में सहयोग को कहा। वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त सर्वे टीम 20 जनवरी से गांव का स्थलीय निरीक्षण एवं पुष्टि करेगी। बैठक में एसडीएम प्रताप सिंह साह, तहसीलदार प्रत्यूष सिंह, ब्लाक प्रमुख शांति भट्ट, एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, नायब तहसीलदार शिव बलीकरन, डिप्टी रेंजर सेवा राम, देवीदयाल उपाध्याय, चंद्र प्रकाश, पुरुषोत्तम भट्ट, महेशानंद, विद्या देवी, रमेश चंद्र, कमला, पुष्पा मेहता, मुन्नी वाणी, राजेंद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
वन माफियाओं की गिरफ्त में तराई
Wednesday, 7 January 2009
महिलाएं बनेंगी गो-अर्क कारोबार की लीडर
लोकभाषा व लोकसंस्कृति की उपेक्षा की
दिल्ली मे मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी
7 jan -मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने पहाड़ी राज्यों के लिए अलग सुरक्षा बल बनाए जाने की पैरवी की है। उन्होंने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के प्रारूप पर कहा कि इससे पुलिस के अधिकारों का अतिक्रमण ही नहीं होगा, बल्कि संस्था के केंद्र सरकार के अंग के रूप में कार्य करने से इसके राजनीतिक दुरुपयोग की अधिक संभावना रहेगी। आंतरिक सुरक्षा पर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने राज्य की चिंताओं व जरूरतों को बखूबी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों के लिए अलग सुरक्षा बल की आवश्यकता है। सीमा पार से घुसपैठ व जाली नोटों की तस्करी को रोकने के लिए पर्वतीय सुरक्षा बल का गठन किया जाना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार के स्तर पर शत-प्रतिशत सहायता दी जाए। उत्तराखंड के लिए यह अति महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की 275 किलोमीटर सीमा नेपाल तथा 300 किलोमीटर की सीमा चीन से लगी है। दूसरे देशों की सीमा से सटे राज्यों में सामरिक महत्व को देखते हुए सड़कों का निर्माण तथा वन भूमि हस्तांतरण समेत अन्य मसलों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। केंद्र व राज्यों के मध्य खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए संस्थात्मक तंत्र की आवश्यकता भी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए एक योजना केंद्र सरकार को भेजी गई है, लेकिन इस पर अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। पुलिस आधुनिकीकरण की धनराशि में भी कटौती कर दी गई है। राज्य में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश के लिए विकास योजनाओं का लाभ निचले स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। कमांडो टीम के गठन का वित्तीय बोझ उठाने की स्थिति में सरकार नहीं है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि इसमें पुलिस अधिकारी के समक्ष दिए साक्ष्य को अमान्य किया गया है। इससे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में बाधा उत्पन्न होगी। उन्होंने एजेंसी के प्रारूप को प्रजातांत्रिक व संघीय प्रणाली के खिलाफ बताया।
अपने ही कर रहे हैं पाक दामन तो तार-तार
मुंबई में चल रहा हैं उत्तराखंड कौथिग
नंदा राजजात नें मुंबई में मचाई धूम ६ जनवरी - मुंबई में चल रहे उत्तराखंड कौथिग में उत्तराखंड प्रवासियों की भीड़ ने पयॆटन विभाग को काफी उत्साहित किया हैं यहां लोग कायॆक्रम के अलावा पहाड़ी भोज को काफी पसंद कर रहे हैं मंडुवे की रोटी ,झंगोरे की खीर तीन दिन तक चलने वाले इस कायॆक्रम में लोगों को नरेन्द्र सिंह नेगी को सुनने की काफी इच्छा हैं
औली के इलाकों में हुई जमकर बर्फबारी
6 jan -फरवरी 2009 में होने वाले होने वाले सैफ विंटर गेम्स को लेकर कुदरत ने रजामंदी दे दी है. शुक्रवार व शनिवार को औली व आसपास के इलाकों में हुई जमकर बर्फबारी ने बर्फ की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है. इतना ही नहीं मौसम विभाग इस इलाके में अभी और बर्फबारी की पुष्टि कर रहा है. ऐसा हुआ तो सैफ विंटर गेम्स के लिए कृत्रिम बर्फ जुटाने में लगे शासन की परेशानी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी. सैफ विंटर गेम्स समय पर हों, इसके लिए गेंद अब पूरी तरह से शासन के पाले में खिसक चुकी है. तैयारियों को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब अब शासन व सैफ विंटर गेम्स फेडरेशन के सदस्यों को ही देने हैं. सफेद हुई चोटियां शुक्रवार की शाम पहाड़ के लिए उमंग का संदेश लेकर आई. हल्की बारिश के बाद सात हजार फुट की चोटियां तक बर्फ की चादर से सफेद हो गई. उत्तरकाशी के हरकीदून, शनिवार को चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग जनपदों में सुरकंडा, केदारघाटी, त्रिजुगीनारायण, हरकीदून, तुंगनाथ, गौरीकुंड, बदरीनाथ, हेमकुंड, औली, वेदनी, चोपता, रुद्रनाथ की पहाड़ियों पर खूब बर्फ गिरी. बढ़ गई उम्मीदें एक सप्ताह पूर्व ही दून व औली का दौरा करने वाले विंटर गेम फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष एसएस पांगती के मुताबिक देहरादून में आइस स्केटिंग रिंग को समय पर तैयार कराने की कोशिश की जा रही है, जो जनवरी मध्य तक पूरा हो जाएगा. इसके अलावा औली में हुई बर्फबारी ने राह काफी आसान कर दी है.
एक्सपो में दिख रही है पहाड़ी छटा
6 jan 09 परेड ग्राउंड में चल रहे नेशनल हैंडलूम एक्सपो में चले आइए। यहां आपके लिए उत्तराखंड में बनने वाली खास गरम ऊन के हाथ से बने स्वेटर, मफलर, टोपी व दस्ताने ही नहीं कंबल, शॉल, स्टॉल, चादरें व अन्य घरेलू सामान भी वाजिब दामों पर उपलब्ध है। हैंडलूम एक्सपो में ऋषिकेश से लेकर उत्तरकाशी तक के तमाम हैंडलूम उत्पाद मिल रहे हैं। पहाड़ में बने ऊनी वस्त्रों के साथ ही यहां काशीपुर, मंगलौर व उधमसिंहनगर की मशहूर सूती, रेशमी व ऊनी चादरें, कंबल, दरियां, गलीचे, पर्दे, वॉल हैंगिंग व अन्य सजावटी सामान मिल रहा है। उत्तराखंड हैंडलूम की हर वैरायटी एक्सपो में उपलब्ध है। एक्सपो में उत्तराखंड की पारंपरिक डिजाइन न्के वस्त्र मिल रहे हैं। यहां ऊंचाई वाले स्थानों पर पाई जाने वाली ऑस्ट्रेलियन भेड़ की ऊन से बने लेडिज, जेंटस व बच्चों के स्वेटर, दस्ताने, टोपी के साथ ही मंगलौर (हरिद्वार) के जायकटि डिजाइन की गरम चादरें व दरियां उपलब्ध हैं। सर्दियों में आने वाले ठंडे पसीने को सोखकर शरीर को कई बीमारियों से बचाती है। यह सारा सामान हाथ से बनाया जाता है। इसमें केवल नेचुरल रंगों का प्रयोग होता है क्योंकि डाई करने से ऊन की गरमाहट कम हो जाती है। इसी कारण यह केवल सफेद, काले व स्लेटी रंगों में ही उपलब्ध हंै। एक्सपो में उत्तरकाशी के दुमकर कंबल, कौसानी शॉल, अल्मोड़ा टवीट कोट का कपड़ा और जायकटि डिजाइन जैसे उत्तराखंड के पारंपरिक डिजाइन के वस्त्र मिल रहे हैं। एक्सपो में भीमतल्ला चमोली की जयनंद उत्थान समिति की मंदिरों के डिजाइन वाली वॉल हैंगिंग भी आकर्षण का केंद्र हैं। इन वॉल हैंगिंग में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री सहित राज्य के कई प्रसिद्ध मंदिरों के डिजाइन बने हैं। यह सारा सामान 50 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध है। मेला प्रभारी केसी चमोली ने बताया कि राज्य के हैंडलूम उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक्सपो में उत्तराखंड के सभी प्रकार के पारंपरिक ऊनी व सूती वस्त्रों को प्रदर्शित किया गया है।

