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उत्तराखंड समाज प्रताप नगर जयपुर द्वारा प्रथम युवक युवति परिचय सम्मेलन का जयपुर के प्रताप नगर में 25 अप्रैल को आयोजन किया जा रहा है.
रमेश चन्द्र शर्मा (भट्ट)
उत्तरान्चली एशोसियेसन आफ़ ईमिरात परिवार क सभी सदस्यो कु अपणि संस्क्रति कु प्रति प्रेम/अपणि बोली-भाषा सी लबाव/अपणा उत्तरान्चली भै बन्दो दगडी अपणुपन कु अह्सास:- .
उत्तरान्चली एशोसियेसन आफ़ ईमिरात परिवार क सभी सदस्यो कु अपणि संस्क्रति कु प्रति प्रेम/अपणि बोली-भाषा सी लबाव/अपणा उत्तरान्चली भै बन्दो दगडी अपणुपन कु अह्सास:-
ये परिवार कु सदा प्रयास रायी कि कै प्रकार सि हम अपणु संस्क्रति तै रास्ट्रिय और अन्तरास्ट्रिय स्तर पर विकसित करा...हमारु खाणू (पकवानॊ) कि, हमारु पहनाओ कि, हमारु स्वर्ग समान उत्तरान्चल मा प्रयटन कु, हमारि बोली भाषा कि रास्ट्रिय और अन्तरास्ट्रिय स्तर पर पहचान होऊ....पर सबसी पहली अपणो बटी शुरुवात करण होलि...येही प्रयास क दगडी अपण तौहारों तै अपणु तरिका सि मानाण कि पुरी कोशिस रैन्दी....दिपावली तै "बग्वाल" क रुप मा, नयु ईयर तै "कौथिक" जै मा कि प्रितम भरतवाण जी, मीना राणा जी, सन्गीता ढौन्डीयाल जी व शिव दत्त पन्त जी न अपणि मधुर स्वरो सि दुबई मा रौनक बिखेरि दे छ फिर होली तै "छरोली" और फिर होलि मिलन "छरोली टोली" दुबई बटी अबु धाबी.....छरोली टोली कि बिशेष मकसद व आक्रषण छ उत्तरान्चली पहनाव.......!
१९ मार्च २०१० होली/सांस्क्रतिक मिलन (छरोली टोली) कु प्रोग्राम बहुत हि सुन्दर सफ़ल व सुखद रायी... सुबेर बस अजमान बटी निकली और शारजहां, दुबई होईखन अबु धाबी कि तरफ़ चली.. बस मा ढोल-दमो कि दगडी गढवाली/कुमावनी गानो कि धुन पर ज्वान-जमान, दाना-सयाण सभी लोगो न खुब आन्नद लिनी...अबु धाबी पहुंची खन बडु हि सुन्दर प्यारु तरिका सि पठाई जुन्दाल लगै कि अबू धाबी मा बस्या उत्तरान्चली भै-बन्दॊ/दिदी-भुलीयो न मिलीखन स्वागत सतकार करि..वाकु बाद उडद कि दाल कि बलुणि वाह क्या बुन तब और दिन कु खाणू आलु गोभी कि भुजी राजमा कि दाल सभी लोग अन्गुली चटदी रै गेन.. बहुत बहुत धन्यबाद अबु धाबी परिवार कु जुन ईतका सुन्दर तरिका सि स्वागत सतकार क दगडी स्वादिस्ट खाणु और अच्छी ब्यवस्था करि.....!
ग्रुप कु मकसद उत्तरान्चली सन्सक्रति कु विकास क साथ-साथ अपणी उत्तराखन्डी भै-बन्दॊ कि कै भि प्रकार सि सहायता करण भी छ - मदद बहुत सि प्रकार सि हवे सकदिन जन कि कैतै नौकरी लगाण मा, कैतै बिजनीस बढाण मा, कैतै शादी समबन्धीत ता कैतै कै प्रकार सी अभी कुछ महिना पहली श्री जसपाल राणा कि आकसमिक मिर्त्यू हवे गे छ ता ग्रुप क सभी सदस्यो न थोडा-थोडा पैसा जमा करि तै उन्कु परिवार तै आर्थिक सहायता क रुप मा देढ लाख (१५००००/-) रुपये भेजी छ.. "एकता मा बहुत बडी ताकत होन्दी यदी यी ताकत कु प्रयोग हम अच्छा कामॊ मा करा ता हमारी कामयाबी आसमान कि बुलन्दिया छ्वी सकदी"....हमार दगड मा बहुत सि उत्तराखन्डी बिजनिसमैन भी छन जुकी उपकरण व सेवा तै हम प्रयोग करि सकदिन और वाकु बदलू हम तै छुट मिललू ये मा दवीयो तै लाभ होलू उ तै उन्कु बिजने़स बढाण मा और हम तै सस्ती किमतो पर सामान लेण मा....!
हम सभी लोग यख बिदेश अया छन ता अपणु परिवार कु भरण पोषण ठिक प्रकार सि करि ही सकदिन....हमारु उत्तराखन्ड मा बहुत सि परिवार ईन छ्न जुन्कू चुल पर ब्याखुन्दी दां आग नी जगदी किलै कि उन्कु घर मा कुछ नी छ पकाणु तै... बहुत सि बच्चा (नौन बाल) ईन छ्न कि जुन स्कुल कु मुक नी देखि किलै कि स्कुल मा फिस देण कु पैसा नी छ और कै भी प्रकार सि अगर ८-१० पास हवे गेन ता वासी अगने पढी नी सकदन किलै कि परिवार कि जिमेदारि ये जान्दी...बुढी-बुढ्या (बोडा-बोडी/दादा-दादी) तै बाझा कुडा जेल लगणू छ किलै कि कैक दगडी बचेण...लडीक ब्वारियों कि आण कि आ़स मा आंखो कु पाणि सुखी गे...यु.ए.ई ग्रुप फ़ाउन्डेसन शुरुवात ग्रुप क दगडि मिलि तै काम करलु और एक छोटू सि कोसिस व शुरुवात का रुप मा हमन फ़ाउन्डॆशन शुरुवात कु माध्यम सि उ बच्चो तै १ लाख रुपये (१०००००/-) भेजी.....और अगने भि कोशिश राली उ रैबासियों खातिर कुछ करण कि जुन अपणि सन्स्क्रति कि बुझदी दयो (दिया) तै हाथो न ढकी कि जगै कि रखियु छ......!
जै कुल देवता नागराजा-जय देवभुमी उत्तराखन्ड...
धन्यबाद व सुभकामनायें...!
विनोद सिंह जेठुडी
टीम यु.ए.ई ग्रुप
यह फोटो नगाधिराज हिमालय की पंचाचूली चोटी की है, जो इस पर सुबह के समय सूर्य की पहली
किरनें पड़ने के दौरान ली गयी है, इस कारण इस फोटो मैं हिमालय सोने की तरह दमकता नजर आ
रहा है. यह पुरस्कार मुझे पेनोरोमियो वेबसाइट की और से जनवरी २०१० की ''जियोटैग्ड फोटो
कांटेस्ट" में दिया है.
यह वेबसाइट गूगल अर्थ पर दुनियां के विभिन्न स्थानों की फोटो उपलब्ध कराती
है. इस वेबसाइट पर मेरी २०० से अधिक फोटो बीते एक वर्ष से हैं. यह वेबसाइट दुनियां भर के
अपने लाखों फोटोग्राफरों से हर माह प्रतियोगिता के लिए अपनी अधिकतम ५ फोटो नोमिनेट करने को
कहती है. फिर पूरे माह इन फोटो पर दुनियां से वोटिंग होती है. कोई भी वेबसाइट पर लोग-इन कर
वोटिंग कर सकता है. इस वेबसाइट पर चूँकि भारत के कम ही लोग जुड़े हैं, इसलिए किसी भारतीय
का पुरस्कार जीतना काफी कठिन होता है. मेरी जानकारी में मुझसे पूर्व केवल उन्नीपिल्लई नाम के
एक फोटोग्राफर के रूस में खींचे गए चित्र को यह पुरस्कार मिला था.
मैं नैनीताल में मार्च २००८ से ब्यूरो प्रभारी के रूप में कार्यरत हूँ. इससे पूर्व दैनिक जागरण, उत्तर
उजाला व बद्री विशाल आदि समाचार पत्रों से बीते एक दशक से पत्रकारिता से जुड़ा हूँ. पत्रकारिता के
साथ फोटोग्राफी मेरा शौक है. नैनीताल और कुमाऊँ व उत्तराखंड की खूबसूरती इस कार्य में स्वयं मेरी
मदद करती है. कुमाउनी लोक भाषा में काफी कुछ भी लिखता रहता हूँ.
इस फोटो को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है
Navin Joshi
Reporter : Rashtriya Sahara,
Nainital.
Mobile-9412037779