Wednesday, July 30, 2014

एलटी शिक्षकों के 2600 पद खत्म

प्रशिक्षित बेरोजगारों को सरकार ने दिया जोर का झटका

देहरादून: शिक्षा महकमे में रोजगार का इंतजार कर रहे प्रशिक्षित बेरोजगारों को जोरदार झटका लगा है। छात्रसंख्या निरंतर गिरने का खामियाजा नौकरी के अवसर कम होने के रूप में सामने आया है। सरकार ने माध्यमिक कक्षाओं में सहायक अध्यापकों के 2600 पद खत्म कर दिए हैं। महकमे की ओर से इन पदों को शासन को सरेंडर किया गया था। सोमवार को जारी शासनादेश के मुताबिक गढ़वाल मंडल में 1453 और कुमाऊं मंडल में 1147 पद खत्म किए गए। 1सरकार एक ओर शिक्षा महकमे में नए रोजगार के अवसरों के सब्जबाग बेरोजगारों को दिखा रही है, दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की संख्या लगातार गिर रही है। माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं और दसवीं कक्षा के एलटी शिक्षकों के पदों को बढ़ाने के लिए की जा रही मशक्कत के बीच में ही बड़ी संख्या में पद खत्म किए गए हैं। सबसे ज्यादा पद पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में क्रमश: 563 और 425 पद खत्म किए गए हैं। पदों में कमी की यह गाज पर्वतीय जिलों पर ज्यादा पड़ी है। खास बात यह है कि ज्यादा जनसंख्या वाले जिलों देहरादून, हरिद्वार व उधमसिंहनगर में भी पदों की संख्या बढ़ने के बजाए कम हुई है। सर्वाधिक कमी अंग्रेजी, हिंदी और सामान्य वर्ग के शिक्षकों के पदों में आई है। 1राज्य ब्यूरो, देहरादून: शिक्षा महकमे में रोजगार का इंतजार कर रहे प्रशिक्षित बेरोजगारों को जोरदार झटका लगा है। छात्रसंख्या निरंतर गिरने का खामियाजा नौकरी के अवसर कम होने के रूप में सामने आया है। सरकार ने माध्यमिक कक्षाओं में सहायक अध्यापकों के 2600 पद खत्म कर दिए हैं। महकमे की ओर से इन पदों को शासन को सरेंडर किया गया था। सोमवार को जारी शासनादेश के मुताबिक गढ़वाल मंडल में 1453 और कुमाऊं मंडल में 1147 पद खत्म किए गए। 1सरकार एक ओर शिक्षा महकमे में नए रोजगार के अवसरों के सब्जबाग बेरोजगारों को दिखा रही है, दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की संख्या लगातार गिर रही है। माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं और दसवीं कक्षा के एलटी शिक्षकों के पदों को बढ़ाने के लिए की जा रही मशक्कत के बीच में ही बड़ी संख्या में पद खत्म किए गए हैं। सबसे ज्यादा पद पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में क्रमश: 563 और 425 पद खत्म किए गए हैं। पदों में कमी की यह गाज पर्वतीय जिलों पर ज्यादा पड़ी है। खास बात यह है कि ज्यादा जनसंख्या वाले जिलों देहरादून, हरिद्वार व उधमसिंहनगर में भी पदों की संख्या बढ़ने के बजाए कम हुई है। सर्वाधिक कमी अंग्रेजी, हिंदी और सामान्य वर्ग के शिक्षकों के पदों में आई है। (साभार-दैनिक जागरण-देहरादून )

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