Wednesday, October 9, 2013

सुमाड़ी में एनआइटी को केंद्र की स्वीकृति

 श्रीनगर गढ़वाल: सुमाड़ी (श्रीनगर) में तीन सौ एकड़ जमीन पर एनआइटी के स्थायी परिसर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है।
एनआइटी श्रीनगर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन और टाइटन कंपनी के चेयरमैन भास्कर भट्ट ने श्रीनगर एनआइटी अस्थायी परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद अब सुमाड़ी क्षेत्र में शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 1एनआइटी चेयरमैन भास्कर भट्ट ने कहा कि सुमाड़ी परिसर में एनआइटी को शिफ्ट होने में लगभग ढाई साल लग सकते हैं। तीन बैच श्रीनगर परिसर से ही निकलेंगे। एनआइटी श्रीनगर की फैकल्टियों को अपडेट करने के लिए उन्हें आइआइटी रुड़की में प्रशिक्षण देने के साथ ही शोध के क्षेत्र में भी कार्य होगा। इसके लिए आइआइटी रुड़की के साथ एनआइटी उत्तराखंड (श्रीनगर) के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं। श्रीनगर पॉलीटेक्निक परिसर में एनआइटी के अस्थायी परिसर का विस्तृत भ्रमण करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में एनआइटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन भास्कर भट्ट ने कहा कि प्रयास है कि यह इंस्टीट्यूट देश ही नहीं, वरन विश्व का भी एक मॉडल इंस्टीट्यूट बने। इस अस्थायी कैंपस में एनआइटी के स्तर को देखते हुए जगह की काफी कमी भी है। इसके बावजूद निदेशक एचटी थोराट ने अपने सहयोगियों के साथ कम समय में 475 छात्रों के लिए अस्थायी परिसर में सुविधाएं उपलब्ध कराने को बेहतर प्रगति सुनिश्चित की है। मई 2014 में एनआइटी उत्तराखण्ड का पहला बैच पासआउट होगा। मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग की प्रयोगशालाएं मार्च 2014 तक स्थापित हो जाएंगी। 216 क्षमता वाले छात्रवास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। एनआइटी के निदेशक एचटी थोराट ने पत्रकारों को बताया कि सत्र 2014-15 में एनआइटी श्रीनगर में एमटेक पाठ्यक्रम भी शुरू होगा। पुस्तकालय में ढाई हजार से अधिक पुस्तकें और 26457 ई-पुस्तकों की सुविधा भी उपलब्ध है।जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल: सुमाड़ी (श्रीनगर) में तीन सौ एकड़ जमीन पर एनआइटी के स्थायी परिसर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है। एनआइटी श्रीनगर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन और टाइटन कंपनी के चेयरमैन भास्कर भट्ट ने श्रीनगर एनआइटी अस्थायी परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद अब सुमाड़ी क्षेत्र में शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 1एनआइटी चेयरमैन भास्कर भट्ट ने कहा कि सुमाड़ी परिसर में एनआइटी को शिफ्ट होने में लगभग ढाई साल लग सकते हैं। तीन बैच श्रीनगर परिसर से ही निकलेंगे। एनआइटी श्रीनगर की फैकल्टियों को अपडेट करने के लिए उन्हें आइआइटी रुड़की में प्रशिक्षण देने के साथ ही शोध के क्षेत्र में भी कार्य होगा। इसके लिए आइआइटी रुड़की के साथ एनआइटी उत्तराखंड (श्रीनगर) के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं। श्रीनगर पॉलीटेक्निक परिसर में एनआइटी के अस्थायी परिसर का विस्तृत भ्रमण करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में एनआइटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन भास्कर भट्ट ने कहा कि प्रयास है कि यह इंस्टीट्यूट देश ही नहीं, वरन विश्व का भी एक मॉडल इंस्टीट्यूट बने। इस अस्थायी कैंपस में एनआइटी के स्तर को देखते हुए जगह की काफी कमी भी है। इसके बावजूद निदेशक एचटी थोराट ने अपने सहयोगियों के साथ कम समय में 475 छात्रों के लिए अस्थायी परिसर में सुविधाएं उपलब्ध कराने को बेहतर प्रगति सुनिश्चित की है। मई 2014 में एनआइटी उत्तराखण्ड का पहला बैच पासआउट होगा। मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग की प्रयोगशालाएं मार्च 2014 तक स्थापित हो जाएंगी। 216 क्षमता वाले छात्रवास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। एनआइटी के निदेशक एचटी थोराट ने पत्रकारों को बताया कि सत्र 2014-15 में एनआइटी श्रीनगर में एमटेक पाठ्यक्रम भी शुरू होगा। पुस्तकालय में ढाई हजार से अधिक पुस्तकें और 26457 ई-पुस्तकों की सुविधा भी उपलब्ध है।

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