Monday, November 5, 2012

हाईस्कूल व इंटर पास बन सकेंगे इंजीनियर

हल्द्वानी:हाईस्कूल व इंटरमीडिएट पास छात्र भी अब आटोमोबाइल इंजीनियर बन सकेंगे। इसके लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) व मारुति कंपनी के बीच करार हुआ है। चयनित छात्रों को कंपनी अपने खर्चे पर प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण अवधि में छात्रों को वेतन भी मिलेगा। साथ ही मुक्त विवि उन्हें डिप्लोमा देगा।
केंद्र सरकार ने युवाओं के कौशल पर जोर देते हुए अगले पांच वर्ष में 40 मिलियन युवाओं को लाभान्वित करने की योजना बनाई है। इसके लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन ने देश के कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालयों को रोल मॉडल के रूप में सामने किया है। इसमें राज्य से उत्तराखंड मुक्त विवि को शामिल किया गया है। यूओयू ने युवाओं के कौशल विकास का नया कोर्स शुरू किया है-सर्टिफिकेट कोर्स इन आटोमेटिक मैन्यूफैकचरिंग व आटोमेटिक असेंबली लेवल एक, दो व तीन। इस कोर्स के संचालन के लिए मारुति कंपनी व यूओयू के बीच गत 12 अक्टूबर को करार हो गया। इस कोर्स को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट पास छात्र भी कर सकेंगे। पहला बैच 60 प्रशिक्षुओं का होगा। चयनित छात्र दो माह के लिए विवि के अध्ययन केंद्र में सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण लेंगे। उसके बाद अगले चार महीनों के लिए मारुति कंपनी उन्हें उत्पादन इकाई में तैनात करेगी। वहां उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष किया जाएगा। इस अवधि के प्रशिक्षण का पूरा खर्च कंपनी उठाएगी। साथ ही प्रशिक्षुओं को वेतन भी मिलेगा। कोर्स पूरा होने के बाद कंपनी की उम्मीदों पर खरा उतरने वाले प्रशिक्षु को अन्य लेवल कोर्स में चयनित किया जाएगा। यानी पढ़ाई और रोजगार साथ-साथ मिलेगा। कोर्स के लिए उन छात्रों का चयन हो सकेगा, जिन्होंने हाईस्कूल में गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषयों की पढ़ाई की होगी। शर्त यह भी होगी कि अभ्यर्थी की आयु 18 से 21 वर्ष के बीच हो। चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होगा।

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