Monday, April 23, 2012

गढ़वाल विवि में आंदोलन समाप्त ,मांग जिन पर सहमति बनी

श्रीनगर गढ़वाल: एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले 22 दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है।
इसी के साथ विश्वविद्यालय से जुड़े पौने दो लाख छात्र-छात्रओं ने राहत की सांस ली। कुलपति, कुलसचिव और संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच शनिवार देर रात तक चली वार्ता में 41 बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि समझौते पर अमल नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। कुलसचिव डा. उदय सिंह रावत ने कहा कि वार्षिक परीक्षाएं शुरू करवाने में कम से कम दस दिन का समय लगेगा। ऐसे में परीक्षाएं मई के प्रथम सप्ताह से शुरू हो सकती हैं। रविवार को संघर्ष समिति के संरक्षक कृष्णानंद मैठाणी ने विश्वविद्यालय प्रशासनिक कार्यालय के समक्ष धरना दे रहे आंदोलनकारियों को वार्ता की लिखित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर भी सहमति बनी है कि सहायक कुलसचिव और जनसंपर्क अधिकारी पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश से करायी जाएगी। इसके अलावा सभी पीएचडी धारकों और 2009 से पूर्व पंजीकृत पीएचडी अभ्यर्थियों को यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2009 से छूट देने को लेकर भी विचार किया गया। तय किया गया कि अन्य केन्द्रीय विवि में इसे लेकर दी जा रही छूट के विषय में जानकारी प्राप्त कर अकादमिक काउंसिल और कार्यपरिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। यह प्रकरण उच्च न्यायालय मेंभी विचाराधीन है। संघर्ष समिति के विभिन्न घटकों द्वारा विवि शिक्षणोत्तर कर्मचारियों, दैनिक कर्मचारियों, शिक्षकों, अंशकालिक शिक्षकों और छात्रसंघ की मांगों पर भी वार्ता में सहमति बनी। धरना स्थल पर अंकित कपरवाण, विकास कठैत, इंद्रेश मैखुरी आदि मौजूद थे।


white
white
white
close


1. द1एसहायक कुलसचिव, पीआरओ पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच।
2. प्रवेश में 50 प्रतिशत कैंपस वेटेज की मांग।
3. द1एएमएससी पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या 50 की जाए।
4. बीएससी में एकल विषय में प्रवेश दिया जाए।
5. द1एविवि की एकेडमिक और ईसी में छात्र प्रतिनिधित्व के मामले में अन्य केंद्रीय विवि से सूचनाएं लेकर तदनुसार कार्रवाई।
6. द1एप्लेसमेंट सेल को सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
7. द1एपुस्तकालय का डिजीटिलाइजेशन किया जाएगा।
8. द1एछात्रों की सुविधा को एक एम्बुलेंस और दो बसें खरीदी जाएं।
9. द1एछात्रसंघ पदाधिकारियों के साथ प्रति तिमाही बैठक हो।
10. द1एछात्र महासंघ के प्रारूप और बजट आवंटन के संबंध में समिति का गठन हो।
11. द1एपीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
12. द1एउपाधि और अंकपत्र बनाने के लिए बार-बार शुल्क नहीं लिया जाएगा।
13. द1एविवि में शोध सेल के निर्माण हेतु प्रयास किए जाएंगे।
14. द1एसमस्त पीएचडीधारकों और 2009 से पूर्व पंजीकृत पीएचडी अभ्यर्थियों को यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2009 से छूट दी जाए
15. द1एविवि के अधिनियम और परिनियमावली में अंशकालिक शिक्षकों के समायोजित किया जाए।
16. द1एअर्हताधारक अंशकालिक शिक्षकों का वेतन यूजीसी के निर्देशों के अनुसार दिया जाए।
17. द1एअंशकालिक शिक्षकों को आगामी सत्र में नियुक्ति के लिए विधिक राय ली जाएगी
18. द1एअंशकालिक शिक्षकों की नई नियुक्तियों के लिए साक्षात्कार हाईकोर्ट के आदेश मिलने तक न किए जाएं।
19. द1एविभाग की समिति में अंशकालिक शिक्षकों के प्रतिनिधि को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
20. द1एफार्मेसी विभाग में कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण का प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन।
21. द1एफार्मेसी विभाग में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को छठे वेतनमान के एरियर का भुगतान किया जाए।
22. द1एशोध अधिकारी, तकनीकी अधिकारी की सेवा शर्ते यूजीसी के नियमानुसार रहेंगी।
23. द1एशोध अधिकारी और शोध वैज्ञानिकों के पदनाम सहायक प्रोफेसर करने का प्रस्ताव यूजीसी को भेजा जाएगा।
24. द1एजिन शिक्षकों की वैयक्तिक प्रोन्नति का अनुमोदन चयन समितियों ने नहीं किया है वह अपना प्रत्यावेदन कुलपति को करेंगे।
25. द1एविवि प्रशासनिक कार्यालय में अब शिक्षकों को कोई दायित्व नहीं मिलेगा।
26. द1एदैनिक कर्मिकों को रिक्त पदों पर समायोजित करें।
27. द1एदैनिक वेतनभोगी कर्मियों की वरिष्ठता सूची जारी करें।
28. द1एसफाई कर्मियों को नियमित किया जाए।
29. द1एदैनिक कर्मियों का सेवा विस्तार हर छह महीने के बजाय अग्रिम आदेशों तक करें
30. द1एशिक्षणोत्तर कर्मियों के स्थायीकरण को लेकर समिति का गठन।
31. द1एवर्तमान वेतनमान में कर्मचारियों की डीपीसी कराने का प्रयास।
32. द1एरिक्त शिक्षणोत्तर पदों पर पदोन्नति और नियुक्ति आरएण्डपी नियमों के अनुसार की जाएगी
33. द1एएक्स कैडर कर्मियों के पदनाम एवं वेतनमान का निर्धारण यूजीसी के अनुसार करें।
34. द1एशिक्षणोत्तर कर्मचारियों के लिए 200 आवासों के निर्माण।
35. द1एलिपिकीय वर्ग में ग्रेड पे 2400 रुपये करें।
36. द1एस्ववित्त पोषित विभागों में कार्यरत कर्मियों के पदों के सृजन करें।
37. द1एशिक्षक और कर्मचारियों के चुनाव लड़ने के अधिकार।
38. द1एएलडीसी से कार्यालय अधीक्षक तक के पदों को आंतरिक पदोन्नति से भरें।
39. द1एप्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में सृजित पदों पर नियुक्ति नियमानुसार की जाएगी।
40. द1एआंदोलनकारियों के विरुद्ध कार्रवाई न की जाए।
41. द1एश्रीनगर और चौरास परिसर को जोड़ने के लिए अलकनंदा नदी पर पुल का प्रस्ताव विवि की 12वीं पंचवर्षीय योजना में शामिल किया जाएगा।
white
white
white

No comments:

Post a Comment