Tuesday, January 3, 2012

अपने देश से दूर...अपने पहाड़ की माटी की खुशबू य़ूएई कौथिग 2011


..अपने देश से दूर...अपने पहाड़ की माटी की खुशबू को याद करने के लिए फिर एक बार प्रवासी उत्तराखंडी ,य़ूएई कौथिग 2011 का 13 जनवरी को दुबंई में ,उत्तरांचली एशोसियेशन आफ एमीरात ( यू ग्रुप ) आयोजन करने जा रहे है ,यूएई  की जमीं पर उत्तराखंड का संगीत एक बार फिर अपना रस घोलेगा और उत्तरांखड की एक नई तस्वीर पेश करेगा। यह कौथीग यह एक ज़रिया होता है अप्रवासी का  एक दुसरे से मिलने  का . ....
"य़ूएई कौथिग 2010 के बारे में  पराशर गौड जी (गढवाली फिल्मो के जनक ) ने अपने संदेश मे लिखा था " जब कोई अपनो से दूर होता है तो सम्झो वो उनके बहुत करीब होता है - उदाहरण साम्ने है (यूएई कौथिग 2010) "   -

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