Wednesday, November 30, 2011

राशन में सेंधमारी पर कसेगी लगाम

विकास धूलिया, देहरादून-
सस्ते राशन की दुकानों के बूते घर चलाने वाले राज्य के लाखों लोगों के लिए एक राहतभरी खबर, जल्द ही उन्हें घटतौली, खाद्यान्न वितरण
में देरी खाद्यान्न का लीकेज व डाइवर्जन और खराब गुणवत्ता जैसी अकसर पेश आने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। दरअसल, उत्तराखंड भी अब जल्द देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होने जा रहा है, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है। इसके तहत बेस गोदाम, आंतरिक गोदाम एवं सरकारी सस्ता गल्ला दुकानों तक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को कंप्यूटर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसके अमल में आने पर राज्य में उपभोक्ताओं को बार कोडेड राशन कार्ड व खाद्य कूपन जारी किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों के बाद उत्तराखंड में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड होने जा रही है। दरअसल, गत सितंबर में सुप्रीमकोर्ट द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी व कंज्यूमर फ्रेंडली बनाने के आदेश दिए गए। इसी क्रम में राज्य सरकार इस कार्य को जल्द आरंभ करने जा रही है। पहले चरण में खाद्यान्न का डाइवर्जन, लीकेज पर अंकुश, आवंटन व वितरण में होने वाली देरी और राशन की दुकानों को गोदामों से कम मात्रा में मिलने वाले खाद्यान्न की समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से पूरी सप्लाई चेन को योजना के दूसरे चरण में इलेक्ट्रानिक तौल मशीनों के जरिए राशन की दुकानों पर खाद्यान्न वितरण एवं उचित कीमत वसूल किए जाने के उद्देश्य से पुराने राशन कार्डो के स्थान पर नए बार कोडिंग राशन कार्डो की व्यवस्था तथा खाद्यान्न कूपन दिए जाएंगे। इसके अलावा फर्जी राशन कार्डो को निरस्त करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। (दै.जा)

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