Saturday, October 22, 2011

लागू रहेगा भू-सुधार संशोधन कानून

 उत्तराखंड में फिलहाल जमींदारी उन्मूलन भूमि सुधार संशोधन कानून लागू रहेगा और भूमिहीनों पर 250 वर्गमीटर से ज्यादा कृषि योग्य भूमि खरीदने पर रोक लगी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन कानून निरस्त करने के उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है।
  मालूम हो कि उत्तराखंड हाई कोर्ट ने गत 22 सितंबर को राज्य से बाहर के लोगों के जमीन खरीदने के अधिकार सीमित करने वाला संशोधन कानून निरस्त कर दिया था। उत्तराखंड सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर गुरुवार को न्यायमूर्ति बीएस चौहान व न्यायमूर्ति एके पटनायक की पीठ ने सुनवाई के बाद अपना आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर प्रतिपक्षी सर्वेश शर्मा को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस भी जारी किया है। इससे पहले राज्य सरकार की ओर से पेश वकील रचना श्रीवास्तव ने पीठ से हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का यह कहना गलत है कि राज्य सरकार ने एक ही जैसे लोगों के बीच दो श्रेणियां बना दी हैं। या फिर इस कानून से बाहरी लोगों के उत्तराखंड में बसने के अधिकार बाधित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सिर्फ कृषि योग्य भूमि की खरीद फरोख्त नियमित करने की कोशिश की है। संशोधन कानून के बाद भी भूमिहीन व्यक्ति सरकार की अनुमति से ही 250 वर्गमीटर से ज्यादा भूमि खरीद सकता है।
  राज्य सरकार की याचिका में कहा गया है कि जमींदारी उन्मूलन व भूमि सुधार (जेडएएलआर) संशोधन अधिनियम 2003 लाने का उद्देश्य राज्य में कृषि योग्य भूमि की अनियमित खरीद-फरोख्त रोकना और छोटे किसानों का हित संरक्षित करना है। इसके अलावा राज्य की सीमाएं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि आतंकवादियों और घुसपैठियों द्वारा राज्य में भूमि की बेतरतीब खरीद-फरोख्त न हो। इससे राज्य को खतरा हो

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