Monday, July 4, 2011

रतन को भाया पहाड़ का रत्न

-आखिरकार रतन ने गढ़वाल के अभिनव शर्मा को अपना हमसफर चुना। अभिनव के इस सफर से सबसे ज्यादा रोमांचित हैं वे लोग, जिनकी गोद में पल बढ़कर वह बड़ा हुआ। जहां उसने अपना बचपन बिताया। मूल रूप से गांव अमोला अंसारी पौड़ी निवासी अभिनव शर्मा का जन्म

ढाई दशक पूर्व ऋषिकेश बंगाली मंदिर मार्ग रस्तोगी नर्सिग होम में हुआ था। अभिनव के पिता भगवती प्रसाद शर्मा ऋषिकेश में जेजी ग्लास कांच फैक्ट्री में स्टोर मैनेजर के रूप में तैनात थे।
राखी के स्वयंवर में मनमोहन तिवारी व खतरों के खिलाड़ी में सुमित सूरी के पहुंचने के बाद तीर्थनगरी ऋषिकेश फिर से चर्चा में है। हो भी क्यों ना इस बार इमेजिन टीवी पर रियलिटी शो रतन का रिश्ता में रतन के हमसफर बने अभिनव ऋषिकेश के जो हैं। अभिनव के इस सफर से सबसे ज्यादा रोमांचित हैं उनके पुराने मकान मालिक और पड़ोसी।
अभिनव के पिता भगवती प्रसाद शर्मा और माता कृष्णा ऋषिकेश में आशुतोष नगर स्थित डीके नवानी के घर में बतौर किराएदार रहते थे। इसके बाद उन्होंने गिरधारी लाल रयाल के मकान सरस्वती निवास के एक कमरे में कई दिन गुजारे। इसी मकान में अभिनव का जन्म हुआ। मूलतया गांव अमोला अंसारी पौड़ी के रहने वाले भगवती प्रसाद शर्मा ने 1985 तक का समय तीर्थनगरी में बिताया। बाद में पत्नी कृष्णा की सलाह पर वे दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने निजी कंपनियों में काम किया। वर्तमान में मयूर विहार नई दिल्ली निवासी भगवती प्रसाद शर्मा कई कंपनियों के कंसलटेंट हैं। अभिनव की माता कृष्णा वहीं के निजी विद्यालय में उप प्रधानाचार्य हैं। अभिनव का बड़ा भाई बबलू भी है।
रतन द्वारा अभिनव को वर चुने जाने के बाद आशुतोषनगर निवासी नवानी परिवार के आंखों में आंसू छलक आए। डीके नवानी, उनकी माता दमयंती नवानी, पत्नी पूनम व पुत्र रक्षित इमेजिन टीवी पर रियलिटी शो रतन का रिश्ता को देखने के लिए टीवी पर चिपके रहे। जैसे ही तीन दूल्हों में से एक अभिनव के गले में लाडो यानि रतन ने वरमाला डाली तो नवानी परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। इस मौके पर दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में नवानी दंपति ने कहा कि जिस तरह रतन पटना (बिहार) में रहकर संघर्ष करते हुए मुंबई पहुंची और उसने अगले जनम मोहे बिटिया कीजो के जरिए मुकाम हासिल किया है। उसी तरह पर्दे के पीछे रहकर बीके शर्मा (गौनियाल) दंपति ने ऋषिकेश से अपने कॅरियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में रहकर अभिषेक व अभिनव को पढ़ाया और पैरों पर खड़ा किया। आज रतन ने अभिनव को अपना हमसफर चुना, हकीकत में ये गरीब परिवारों का मिलन है। नवानी दंपति का कहना है कि वह तो भगवान से यही कामना करते हैं कि अभिनव और रतन का वैवाहिक जीवन सुखमय हो।

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