Friday, July 1, 2011

टीईटी स्थगित,अब जुलाई आखिर में

अब 50 प्रतिशत अंकों के स्थान पर 45 प्रतिशत अंकों की अर्हता कर दी गई है। अनुसूचित जाति, जन जाति, पिछड़ी जाति एवं विकलांगों के लिए 40 प्रतिशत अंकों अर्हता रखी गई है। जिन अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र नहीं मिल पाए हैं ऐसे पात्र अभ्यर्थी भी आवेदन कर पाएंगे। वर्ष 2009 से पहले बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा। देहरादून-शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट ने बताया कि 10 जुलाई को आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। अब जुलाई के अंतिम सप्ताह में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। अप्रैल से शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चुका है, लेकिन कक्षा एक से लेकर आठवीं तक पाठ्य पुस्तकों का अभी प्रकाशन नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ, इसी सत्र से मान्यता प्राप्त 81 विद्यालय संचालित नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने इन हालात पर नाराजगी जताई है। विधानसभा में आयोजित बैठक में श्री बिष्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। पुस्तकों का प्रकाशन न करने वाले प्रकाशकों पर सिर्फ पेनाल्टी लगाना काफी नहीं है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आश्चर्य जताया कि अप्रैल में शिक्षण सत्र प्रारंभ हो गया है, पाठ्य पुस्तकें अभी तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त 81 विद्यालयों का संचालन अप्रैल से शुरू हो जाना चाहिए, लेकिन अभी तक यह संभव नहीं हो पाया है। अधिकारी बार-बार बहानेबाजी कर गुमराह कर रहे हैं। ऐसी गैरजिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए श्री बिष्ट ने निर्देश दिए कि 263 बंद विद्यालयों के संचालन की कार्यवाही की जाए। उन्होंने अध्यापक विहीन, तालाबंद स्कूलों की जानकारी भी तलब की। श्री बिष्ट ने कहा कि टीईटी परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इसका शासनादेश कर दिया गया है। अब जुलाई के अंतिम सप्ताह में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए अब 50 प्रतिशत अंकों के स्थान पर 45 प्रतिशत अंकों की अर्हता कर दी गई है। अनुसूचित जाति, जन जाति, पिछड़ी जाति एवं विकलांगों के लिए 40 प्रतिशत अंकों अर्हता रखी गई है। जिन अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र नहीं मिल पाए हैं ऐसे पात्र अभ्यर्थी भी आवेदन कर पाएंगे। वर्ष 2009 से पहले बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर प्रोन्नति से तैनाती कर दी जाएगी। कार्यालयों में रिक्त 170 लिपिक वर्गीय तृतीय श्रेणी पदों की पदोन्नति सूची जारी कर दी गई है तथा शेष पदों पर सीआर प्राप्त होने के बाद पदोन्नति की जाएगी। उन्होंने शिक्षाधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्हें दुर्गम क्षेत्रों में जाकर अध्यापकों, छात्रों की उपस्थिति, मिड डे मील की स्थिति की रिपोर्ट प्रति माह देने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 2007 से 2011 तक की गई 277 घोषणाओं में से 151 पूर्ण की जा चुकी हैं। 126 को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव श्रीमती सौजन्या, महानिदेशक श्रीमती निधि पांडे, निदेशक सीएस ग्वाल आदि मौजूद थे।

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