Tuesday, April 20, 2010

गिनीज वल्र्ड रिकार्ड को भेजेंगे महाकुंभ का नाम

-मसूरी: केंद्रीय कैबिनेट सचिव के चंद्रशेखर राव शुक्रवार को लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी पहुंचे। श्री राव अकादमी में दो दिन रहेंगे। लाल टिब्बा भ्रमण पर निकले श्री राव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर तालमेल का ही नतीजा है कि महाकुंभ जैसा बड़ा पर्व शांति से निपट गया। उन्होंने बताया कि महाकुंभ हरिद्वार का नाम गिनीज वल्र्ड रिकार्ड के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि शांति के नोबेल पुरस्कार से इसका कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय कैबिनेट सचिव के चंद्रशेखर राव शुक्रवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी पहुंचे। श्री राव दो दिन तक आईएएस प्रशिक्षु और अधिकारियों के बीच रहेंगे। अकादमी में लंच करने के बाद श्री राव ने मालरोड, लाल टिब्बा, चार दुकान आदि क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक की महाकुंभ हरिद्वार को शांति के नोबेल पुरस्कार की पेशकश को नकार दिया। उन्होंने कहा कि नोबेल के लिए ऐसे आयोजन का नाम शामिल नही किया जाता है। -- -कुंभ यानि दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन देवभूमि की जनता के किया पांच करोड़ श्रद्धालुओं का आतिथ्य: निशंक मुख्यमंत्री ने शाही स्नान की श्रृंखला पूरी होने पर जताया सभी का आभार देहरादून, जागरण ब्यूरो मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हरिद्वार कुंभ दुनिया के सबसे बड़े और सफल आयोजन के रूप में स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की जनता ने विश्वभर के 140 देशों से आए श्रद्धालुओं का भरपूर स्वागत किया है। 14 अप्रैल के शाही स्नान का क्रम पूरा होने के बाद आज पत्रकारों से रूबरू डा. निशंक ने कहा कि इस आयोजन में पांच करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा में स्नान करके इसे दुनिया का सबसे बड़ा सफल आयोजन बना दिया है। इस आयोजन के जरिए उत्तराखंड ने पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोकर शांति का संदेश दिया। इस आयोजन को कई आतंकी धमकियां भी मिलीं पर सरकार की तैयारियों के आगे ऐसे नापाक मंसूबे रखने वाले यहां आने की हिम्मत तक नहीं जुटा सके। अंतिम शाही स्नान के रोज तो स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आकंड़ा सारे अनुमान ध्वस्त करते हुआ डेढ़ करोड़ तक पहुंच गया है। इस बारे में अन्य स्रोतों से भी आंकड़े एकत्र करवाए जा रहे हैैं। सीएम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस आयोजन पर 440 करोड़ रुपये व्यय किए गए। अहम बात यह है कि इस बार 70 से 80 फीसदी तक काम स्थायी प्रकृति के ही किए गए है। इससे पहले 1998 में कुल कामों में से महज बीस फीसदी और 2004 में महज 25 फीसदी काम ही स्थायी काम करवाए गए। इस मायने में भी सरकार ने मील का पत्थर स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सफल आयोजन के लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय योजना आयोग का भी मार्ग दर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। सीएम ने यूपी की सीएम मायावती को भी मदद के लिए धन्यवाद दिया। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने भी पांच करोड़ लोगों का सत्कार करके देवभूमि की परपंरा को निभाया। सीएम ने इस आयोजन में योगदान करने के लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और भाजपा की कोर कमेटी का भी आभार जताया। मुख्यमंत्री ने इस काम में लगे शासन के साथ ही पुलिस और प्रशासन के अफसरों की भी सराहना की। इस मौके पर मुख्य सचिव एनएस नपलच्याल और प्रमुख सचिव सुभाष कुमार भी मौजूद रहे। इंसेट शांति के नोबेल का हकदार कुंभ देहरादून: मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि हरिद्वार कुंभ को शांति का नोबेल पुरस्कार देने की मांग कई विदेश संगठन उठा रहे हैैं। सीएम ने कहा कि वे अपने स्तर से इस मांग का समर्थन कर रहे हैैं। भले ही यह पुरस्कार देश की राष्ट्रपति ही क्यों न ग्र्रहण करें पर इस बार शांति का नोबेल भारत में ही आना चाहिए। कुंभ ने पूरी दुनिया को शांति और एकता का संदेश देने में पूरी तरह से सफलता हासिल की है।

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