Friday, January 29, 2010

] -महाकुंभ: धर्मध्वजाएं स्थापित, कुंभ का विधिवत आगाज

-जूना अखाड़े की धर्मध्वजा स्थापना के दौरान हादसा टला -52 हाथ की धर्मध्वजा की पहले हुई पूजा, देवताओं का आह्वान -महाकुंभ में अखाड़ों से मिली जमीन पर डेरा सजाने का काम शुरू हरिद्वार, तीर्थनगरी अब महाकुंभ नगरी का रंग लेने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। दो दिन में पांच अखाड़ों की पांच धर्मध्वजाओं की शुभ मुहूर्त में स्थापना कर दी गई है। हालांकि जूना अखाड़े की धर्मध्वजा स्थापित करने के दौरान ध्वजा से रस्सी की पकड़ ढीली पड़ गई, जिससे ध्वजा एकाएक एक ओर गिरने लगी। ऐन वक्त पर बमुश्किल इसे रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। धर्मध्वजाओं को स्थापित करने के साथ ही अब महाकुंभ का विधिवत आगाज हो चुका है। अखाड़े अब अपना डेरा बसाने की तैयारी तेज करने में जुट गए हैं। तीर्थनगरी में 26 जनवरी को जूना, आह्वान और अग्नि जबकि 27 जनवरी को महानिर्वाणी अखाड़ा और अटल अखाड़ा की धर्मध्वजाएं स्थापित की गईं। 26 जनवरी को सबसे पहले नागा संन्यासियों के सबसे मजबूत अखाड़ा जूना अखाड़े में धर्मध्वजा की स्थापना की गई। धर्मध्वजा की स्थापना से पहले ध्वज की पूजा की गई। माया देवी मंदिर में जूना अखाड़े के देवता दत्तात्रेय की चरण पादुका की पूजा अर्चना के बाद ध्वज को बावन हाथ की साल की लकड़ी पर चढ़ाया गया। विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद मोटी रस्सी से धर्मध्वजा की लकड़ी को बांध कर उसे गड्ढे में ले जाने की कवायद शुरू हुई। सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। चूंकि धर्मध्वजा 52 हाथ की और बहुत ही भारी थी, इसलिए सैकड़ों की तादाद में साधु-संत इसे थामे हुए थे। धर्मध्वजा की स्थापना के दौरान मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के बीच घंटों यह प्रक्रिया चली। करीब 11.57 बजे धर्मध्वजा को लगभग स्थापित कर दिया गया था। ध्वज स्थापित होते ही साधु-संत और नागा साधु खुशी से झूमने लगे इसी बीच धर्मध्वजा को रोकने वाले हाथ कमजोर पड़ गए और धर्मध्वजा एक ओर तेजी से गिरने लगी। जिस ओर धर्मध्वजा का हिस्सा गिरने लगा वहां पर मीडिया और साधु-संतों का जमावड़ा लगा हुआ था। बमुश्किल साधू-संतों ने रस्सी को खींच कर धर्मध्वजा को नीचे गिरने से रोक लिया और हादसे को टाल दिया। दूसरी बार हर-हर महादेव के जयघोष से धर्मध्वजा 12.08 के करीब स्थापित हो गई। सभी खुशी से नाच उठे। आह्वान अखाड़े की 52 हाथ की ध्वजा भी विधि-विधान से माया देवी क्षेत्र में स्थापित की गई। ध्वजा को स्थापित करने के दौरान की गई। अग्नि अखाड़े की भी धर्मध्वजा माया देवी परिक्षेत्र में अपने ईष्ट देवता सहित सभी के आह््वान के बाद लगाई गईं। 27 जनवरी को सुबह करीब 10 बजे महानिर्वाणी अखाड़ा कनखल की धर्मध्वजा स्थापित की गई, जबकि अटल अखाड़े की धर्मध्वजा भी दोपहर को लहराई। धर्म ध्वजाओं की स्थापना के बाद अब अखाड़ों में साधु-संत अपने लिए अखाड़ों से मिली जमीन पर अपना डेरा बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर चुके हैं। इस मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत ज्ञानदास, राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरी महाराज, अग्नि के सभापति महंत बापू गोपालनानंद ब्रह्मïचारी, श्री महंत कैलाशानंद ब्रह्मचारी, श्री महंत आनंद चेतन, श्री महंत गोविंदानंद ब्रह्मचारी, अच्युतानंद ब्रह्मचारी, श्री महंत प्रेम गिरी, अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री महंत रामानंद पुरी, स्वामी देवानंद, मेलाधिकारी आनंदबद्र्धन, डीआईजी मेला आलोक शर्मा, सहित प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। दो अखाड़ों की धर्मध्वजाएं आज लगेंगी हरिद्वार: निरंजन और आनंद अखाड़े की धर्मध्वजाएं लगाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। निरंजन अखाड़े के श्री महंत रामानंद पुरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को धर्मध्वजा सुबह दस बजे लगाई जाएगी।

No comments:

Post a Comment