Thursday, 21 May 2009

फूलों की घाटी में खिल उठे फूल

एक जून से पर्यटक कर सकेंगे इस घाटी के दीदार -घाटी से एक किमी पहले ग्लेशियर से क्षतिग्र्रस्त है मार्ग बदरीनाथ, जागरण कार्यालय: विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में विभिन्न किस्म के फूल खिलने लगे हैं। पर्यटक एक जून से इस घाटी के दीदार कर सकेंगे। विश्व धरोहर फूलों की घाटी में सैकड़ों किस्म के फूलों की प्रजातियां प्रकृति की अनूठी देन हैं। हर वर्ष हजारों की संख्या में देश और विदेश से पर्यटक फूलों की घाटी में पहुंचकर प्राकृतिक फूलों को देख प्रकृति के इस अनमोल उपहार का आंनद उठाते हैं। इस क्षेत्र में कई दुर्लभ जीव जन्तु भी विचरण करते रहते हैं। इनमें मुख्य रूप से थार, गुरड़, रैडथोप्स, लैपर्ड, नीलगाय, भालू, कस्तूरा मृग सहित कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां भी शामिल हैं। वन क्षेत्राधिकारी थान सिंह राणा ने बताया कि अभी फूलों की घाटी से एक किलोमीटर पहले ग्लेशियर से मार्ग टूटा है। इसे ठीक करने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राष्ट्रीय पार्क फूलों की घाटी के लिए विभागीय अग्रिम दल इस सप्ताह भेजा जाएगा, जो घांघरिया में कैंप करेगा। गोविन्द घाट से घांघरिया तक 13 किलोमीटर की यात्रा पैदल, घोड़े तथा पालकी, कंडी आदि साधनों से भी की जा सकती है। इसके आगे फूलों की घाटी में घोड़, खच्चर या किसी भी प्रकार के पालतू जानवरों के जाने पर वर्षों पहले से ही पूर्ण रूप से प्रतिबंध है।का कद अगर बड़ा है तो उसे राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बना दिया जाता है।

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