Tuesday, 17 March 2009

उपेक्षा:पर्यटन विकास में पिछड़ा रुद्रपयाग जिला

Mar 16, 02:04 am रुद्रप्रयाग।जिले के पर्यटक स्थलों के प्रति प्रदेश सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति से जनपद पर्यटन विकास के क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है। जनपद में में पवालीकांठा, माटिया बुग्याल के साथ ही पंटागणिंया, खाल बुग्याल, देवरियाताल, बधाणीताल, बासुकीताल आदि स्थान ऐसे हैं, जिनका विकास तो दूर इनको पहचान तक नहीं मिल पाती है। स्थानीय स्तर पर लोग तो इनसे परिचित है, लेकिन देश-विदेश के पर्यटक आज भी इन स्थानों पर नहीं जा पाते है। यदि इनका समुचित विकास किया जाए तो देशी-विदेशी पर्यटक इस ओर बड़ी संख्या में आकर्षित हो सकते हैं। प्रदेश की जहां आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है, वहीं स्थानीय लोगो के लिए रोजगार के साधन भी मुहैया करा सकता है। इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि राज्य गठन के बाद आज तक जिले के पर्यटक स्थलों के विकास के लिए ठोस नीति तक नहीं बन पायी है। इस दिशा में कोई भी सरकारें कोई ठोस पहल नहीं कर पाई हैं। जिले में बुग्याल, रंग बिंरगी वन्य प्रजातियों के पुष्प अत्यधिक उंचाई पर स्थित होने से यह क्षेत्र साहसिक पर्यटकों के लिए के लिए स्वर्ग बन सकता है, लेकिन अभी तक पर्यटन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। हद तो यह है कि जनपद में पर्यटन को विकसित करने के लिए स्थापित पर्यटन विभाग का ढांचा ही अभी तक व्यवस्थित नहीं हो पाया है, ऐसे में पर्यटन विकास की बात करना सरासर गलत होगा। पर्यटन विभाग का अपना दफ्तर तक नहीं है, गढवाल मण्डल विकास निगम के अतिथि गृह में ही कार्यालय संचालित हो रहा है, तथा जिले में पर्यटन अधिकारी भी तैनात नहीं है। जिला साहसिक खेलकूद अधिकारी सीमा नौटियाल का कहना है कि जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत हैं।

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