Sunday, 15 March 2009

जौनसार में आज भी है संयु1त परिवार की परंपरावर्तमान में ७४ सदस्यों का है सबसे बड़ा परिवार

चकराता। जौनसार बावर क्षेत्र में आज भी संंयु1त परिवार की परंपरा कायम है। जो इस परिवर्तित युग में भी एक मिसाल है। इस परंपरा को निभाने में क्षेत्र के विधायकगण और जनप्रतिनिधियों सहित दर्जनों अन्य लोग शामिल हैं।जौनसार बावर क्षेत्र में वर्तमान में सबसे बड़ा साझाा परिवार चिल्हाड़ गांंव निवासी पंडित माधोराम का है। इस परिवार में ७४ महिला, पुरुष और बच्चे हैं। इसी प्रकार चकराता क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह के परिवार में भी इतने ही सदस्यों की सं2या बताई जाती है। पाटी गांव केे रतन सिंह और 1वानू निवासी भगतराम, बुरास्वा के नारायण सिंह और चिल्हाड़ निवासी पातीराम, मंगरोली के अमर सिंह के भी ऐसे ही परिवार हैं, जिन परिवारों की सदस्य सं2या ५० से अधिक है। यहां के लोग बड़ा परिवार होने को अपना गौरव समझाते हैं। संयु1त परिवार की परंपरा का सबूत राजस्व विभाग का रिकार्ड है। यदि इस रिकार्ड पर गौर करें तो एक दशक पूर्व इस क्षेत्र की जनसं2या ९७३२६ थी, जो ६९२७ परिवारों में बसे थे। वर्तमान में यह जनसं2या एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। तो परिवारों मेें मामूली वृद्धि के साथ यह सं2या ७४२६ पहुंच गई है। संयु1त परिवार की परंपरा का कारण भौगोलिक परिस्थितियां भी मानी जाती हैं। इधर, क्षेत्र के सबसे बड़े परिवार का गौरव प्राप्त माधोराम कहते हैं कि बड़े परिवार के कारण उनके परिवार की उन्नति और बुलंदियां हासिल हुई हैं। राजेंद्र राणा बड़े परिवार का फायदा यह बताते हैं कि किसी की भी मौत हो जाने पर उसके बालक अनाथ नहीं होते। साझाा परिवार का संचालन करने वाले वरिष्ठ पुरुष और महिला सबके कार्यों को वितरित करते हैं, जिससे परिवार में किसी प्रकार का भी मनमुटाव नहीं होता है।

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