Thursday, 26 February 2009

वैभव अपहरण कांड में दो को उम्र कैद

25,2,9- देहरादून, : राजधानी के बहुचर्चित वैभव अपहरणकांड में अदालत ने दो बदमाशों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में कठोर कारावास व जुर्माने की सजा भी सुनाई है। 19 फरवरी 2002 को दून के कांवली स्थित नेशनल रोड निवासी ठेकेदार अनिल गर्ग के 11 वर्षीय बेटे वैभव का शाम को ट्यूशन से लौटते वक्त कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। वैभव उस वक्त छठी का छात्र था। अपहरणकर्ताओं ने फोन पर अनिल से चालीस लाख रुपये फिरौती मांगी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस डोईवाला पहुंची और शुगर मिल में छिपे बदमाशों से मुठभेड़ के बाद दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर वैभव को सकुशल छुड़ा लिया। बदमाशों की शिनाख्त सौरभ सचदेवा निवासी गढ़ी कैंट व बलजीत यादव निवासी ज्वालापुर हरिद्वार के रूप में हुई। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (द्वितीय) एचएस बोनाल की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए धारा-364 (ए) के तहत कठोर आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही धारा-307 आईपीसी के तहत सात-सात साल का कठोर कारावास व तीन-तीन हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा-25 आ‌र्म्स एक्ट के तहत तीन-तीन साल के कठोर कारावास और एक-एक हजार का जुर्माना लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना न भरने पर अभियुक्तों को अतिरिक्त कारावास झेलना पडे़गा। वैभव की गवाही रही अहम अभियोजन के अधिवक्ता व अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक उभान ने बताया कि सुनवाई में कुल 12 गवाह प्रस्तुत किए गए। इनमें सबसे अहम गवाही वैभव की रही। उसने कोर्ट को बताया कि किस तरह से बदमाश उसे हरिद्वार ले गए और जंगल में रखा। आरोपियों को सजा दिलाने में यह गवाही ही आधार बनी। एक बदमाश बनने वाला था दरोगा सूत्रों के मुताबिक अपहरण के मामले में दोषी बलजीत का दिल्ली पुलिस सेवा में सब इंस्पेक्टर के लिए चयन हो चुका है। बताया जा रहा है कि जमानत पाने के बाद उसने भर्ती में भाग लिया था। बचाव पक्ष के वकील ने भी कोर्ट में इस आधार पर रहम की अपील की थी। अभी भी सहम उठता है गर्ग परिवार बेटे के अपहरण की उस हृदय विदारक घटना को याद कर आज भी गर्ग परिवार सहम उठता है। सजा पर खुशी प्रकट करते हुए वैभव के बड़े भाई सौरभ ने बताया कि उन्हें आज भी वैभव की जान का खतरा लगता है। इसलिए उसे पढ़ाई करने बाहर भेज दिया गया है। सौरभ ने कहा कि उन्हें कानून पर भरोसा है।

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